परिवहन निगम अनफिट बसों से यात्रियों को सफर करा रहा है। एसी हो या सामान्य बसें उनकी खिड़कियों के शीशे टूट गए हैं। ऐसे में बारिश का पानी बसों के भीतर आने से यात्रियों को परेशानी हो रही है। बारिश का पानी अंदर न आए इसके लिए शीशों की जगह प्लाई लगाकर काम चलाया जा रहा है।
कोरोना कर्फ्यू के दौरान रख-रखाव नहीं होने से बसों की हालत और भी खराब हो गई है। बसों की हकीकत जानने के लिए गोरखपुर डिपो के रेलवे बस स्टेशन की पड़ताल की गई। परिसर में खड़ी सोनौली-दिल्ली बस नंबर यूपी 53 सीटी 4104 और शताब्दी एसी बस यूपी 51 एटी 1015 की हालत काफी खराब थी।
इसका दरवाजा टूटा हुआ था। इतना नहीं अनुबंधित बस यूपी 53 बीटी 5211 की बस का शीशा टूटा मिला। ऐसी कई बसें देखने को मिले जिसमें ड्राइवर सीट के बगल में लगा साइड शीशा भी टूटा था। ऐसी खटारा बसों से लोगों को यात्रा करवाकर परिवहन निगम उनकी जान से खिलवाड़ कर रहा है।
गोरखपुर डिपो एआरएम केके तिवारी ने कहा कि बिना मेंटनेंस के बसों को सड़क पर नहीं उतारा जाता है। खिड़कियों के शीशे टूटने पर उन्हें तत्काल बदल दिया जाता है।