सहजनवां-दोहरीघाट का जल्द शुरू होगा कार्य
गोरखपुर को वाराणसी से जोड़ने के लिए बन रहे दूसरे प्रमुख रूट सहजनवां-दोहरीघाट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आई है। यह रूट जिले के दक्षिणी हिस्से को मऊ जनपद के रास्ते भटनी-औंड़िहार मुख्य मार्ग से जोड़ेगी। इस नए रेल मार्ग के किनारे ही धुरियापार में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होना है, जहां अदाणी समेत कई बड़ी कंपनियां निवेश की तैयारी में हैं।
इस रूट पर प्रथम चरण में सहजनवां की तरफ से काम शुरू होना है। इसके लिए कार्यदायी एजेंसी नामित करने के साथ ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जिन किसानों की जमीनें अधिग्रहित की जानी है, उन्हें नोटिस भेजकर आपत्ति मांगी गई है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद मुआवजा वितरण व जमीन अधिग्रहण का कार्य एक साथ शुरू हो जाएगा। संभावना है कि मार्च के अंत में कार्य आरंभ करा दिया जाएगा।
कैंट-वाल्मीकिनगर के लिए एजेंसी तय नहीं
करीब 95 किलोमीटर लंबे कैंट-वाल्मीकिनगर खंड के दोहरीकरण का कार्य शुरू होने में अभी कुछ वक्त लगेगा। क्योंकि अभी इस रूट के लिए कार्यदायी एजेंसी नामित नहीं हो पाई है। हालांकि रेलवे के अफसरों का दावा है कि इसी महीने एजेंसी तय कर कार्य आरंभ कराया जाएगा। गोरखपुर-नरकटियागंज रूट के इस हिस्से का दोहरीकरण पूरा होने से बिहार की तरफ से आने-जाने वाली ट्रेनों का संचालन आसान होगा। इस रूट पर सप्तक्रांति, सत्याग्रह और बापूधाम समेत 35 ट्रेनों का संचालन होता है।
पूर्वोत्तर रेलवे सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि अंतरिम बजट में भटनी-औंड़िहार के लिए भी बजट आवंटित हुआ है। इस रूट के दोहरीकरण से वाराणसी और प्रयागराज की तरफ आने-जाने वाली ट्रेनों के संचालन में सुविधा होगी। एनईआर के सभी प्रमुख रूटों पर सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।