नायक बिरादरी के लोगों के लिए यह बड़ी राहत भरी सूचना है। अब पुराने राजस्व अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद नायक जाति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का प्रमाण पत्र जारी हो सकेगा। इस संबंध में प्रमुख सचिव समाज कल्याण के. रविंद्र नायक की ओर से गोरखपुर समेत 13 जिलों के डीएम को पत्र जारी किया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी स्तर से गलत प्रमाण पत्र निर्गत होता है तो उसे त्रिस्तरीय स्क्रूटनी समिति (जनपद, मंडल एवं राज्य स्तर) के समक्ष समय से प्रस्तुत कर उसे निरस्त करने की कार्यवाही की जाए।
इस शासनादेश के साथ ही जनवरी 2003 में भारत सरकार के गजट से उत्तर प्रदेश के 13 जिलों में एसटी में अधिसूचित नायक समुदाय को जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में आ रही बाधा दूर हो सकेगी। शासनादेश के अनुसार आवेदक के भूमिहीन होने की स्थिति में कुटुंब रजिस्टर की नकल, स्कूल की टीसी एवं आसपास के परिवारों से मौके पर पूछताछ के बाद एसटी का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
आठ जनवरी 2003 को भारत सरकार के गजट में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, मिर्जापुर व सोनभद्र जनपद में नायक को अनुसूचित जनजाति में अधिसूचित किया गया। तब से इन जिलों में रहने वाले नायक समुदाय के लोगों को एसटी प्रमाण पत्र निर्गत होने लगे। पिछले कुछ सालों में फर्जी प्रमाण पत्र बनवा लेने की शिकायतें शासन तक पहुंचने लगीं।