फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: नायक बिरादरी के लोगों को बड़ी राहत, जारी हो सकेगा एसटी का प्रमाणपत्र

Tue, 28 Sep 2021 02:20 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

पुराने राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद प्रशासन जारी करेगा प्रमाणपत्र, गोरखपुर समेत 13 जिलों के डीएम को प्रमुख सचिव ने जारी किया पत्र।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नायक बिरादरी के लोगों के लिए यह बड़ी राहत भरी सूचना है। अब पुराने राजस्व अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद नायक जाति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का प्रमाण पत्र जारी हो सकेगा। इस संबंध में प्रमुख सचिव समाज कल्याण के. रविंद्र नायक की ओर से गोरखपुर समेत 13 जिलों के डीएम को पत्र जारी किया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी स्तर से गलत प्रमाण पत्र निर्गत होता है तो उसे त्रिस्तरीय स्क्रूटनी समिति (जनपद, मंडल एवं राज्य स्तर) के समक्ष समय से प्रस्तुत कर उसे निरस्त करने की कार्यवाही की जाए।

विज्ञापन


 इस शासनादेश के साथ ही जनवरी 2003 में भारत सरकार के गजट से उत्तर प्रदेश के 13 जिलों में एसटी में अधिसूचित नायक समुदाय को जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में आ रही बाधा दूर हो सकेगी। शासनादेश के अनुसार आवेदक के भूमिहीन होने की स्थिति में कुटुंब रजिस्टर की नकल, स्कूल की टीसी एवं आसपास के परिवारों से मौके पर पूछताछ के बाद एसटी का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

आठ जनवरी 2003 को भारत सरकार के गजट में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, मिर्जापुर व सोनभद्र जनपद में नायक को अनुसूचित जनजाति में अधिसूचित किया गया। तब से इन जिलों में रहने वाले नायक समुदाय के लोगों को एसटी प्रमाण पत्र निर्गत होने लगे। पिछले कुछ सालों में फर्जी प्रमाण पत्र बनवा लेने की शिकायतें शासन तक पहुंचने लगीं।
विज्ञापन


 

विज्ञापन

नायक जनसेवा संस्थान ने किया आदेश का स्वागत

इसके बाद 15 जुलाई 2020 को अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण ने नायक समुदाय के लिए एसटी प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में नई व्यवस्था का आदेश जारी कर दिया। इस शासनादेश में कहा गया कि गोरखपुर समेत 13 जिलों में गोंड की पर्याय/उपजाति नायक ही अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र प्राप्त करने के पात्र है। इसके बाद से नायक जाति को एसटी का प्रमाण पत्र प्राप्त करना मुश्किल हो गया। इस आदेश के खिलाफ नायक जनसेवा संस्थान गोरखपुर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका पर 13 अगस्त को आए हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश के प्रमुख सचिव समाज कल्याण ने 24 सितंबर को नया आदेश जारी किया।  

नायक को जनजाति का प्रमाण दिलाने की लड़ाई लड़ने वाले नायक जनसेवा संस्थान गोरखपुर के अध्यक्ष योगेंद्र प्रसाद नायक, उपाध्यक्ष राजन नायक ने खुशी व्यक्त की है। उनका कहना है कि वह भी चाहते हैं कि उनके एसटी के प्रमाणपत्र के लिए पुराने से पुराने राजस्व अभिलेखों से मिलान किया जाए ताकि सही लोगों को ही प्रमाण पत्र मिल सके।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें