दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के रसायनशास्त्र विभाग के आचार्य प्रो. अशोक कुमार तिवारी का गुरुवार की देर रात निधन हो गया। वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। प्रो. तिवारी अपने पीछे पिता, पत्नी समेत तीन बच्चे छोड़ गए हैं। कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि प्रो. अशोक तिवारी के असामयिक निधन से विश्वविद्यालय परिवार और शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
वहीं, प्रो. तिवारी के असामयिक निधन पर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर शनिवार को शोकसभा का आयोजन किया गया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय सिंह ने शोक संदेश पढ़ा। इसके बाद विश्वविद्यालय परिवार के शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रो. तिवारी के निधन पर शोक प्रकट किया है। प्रो. तिवारी ने विश्वविद्यालय से एमएससी की पढ़ाई 1981 में पूरी की। वर्ष 1989 में प्रो केहर सिंह के निर्देशन में पीएचडी किया।
इसके बाद पीडीएफ के तहत रिसर्च एसोसिएट और सीएसआईआर में पूल ऑफिसर भी रहे। वर्ष 1998 में लेक्चरर के रूप में विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य शुरू किया। उनके 25 से अधिक रिसर्च पेपर अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने मेम्ब्रेन साइंस और इलेक्ट्रो केमिस्ट्री में उल्लेखनीय कार्य किया है। सौम्य व्यवहार और शालीनता के धनी प्रो.तिवारी विश्वविद्यालय के कई अहम पदों पर विद्यमान रहे हैं। श्
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में चीफ प्रॉक्टर प्रो. सतीश चंद पांडेय, चीफ वार्डन प्रो एसके सिंह, रसायन विभाग की अध्यक्ष प्रो. सुधा यादव, डॉ सचिन सिंह, कुलसचिव विश्वेश्वर प्रसाद आदि मौजूद रहे।