आंबेडकर जन मोर्चा के बैनर तले आंदोलन में शामिल होने के लिए ही फ्रांस नागरिक हेनाल्ड वैलेन्टिन जीन रोजर आया था। वह रेलवे स्टेशन के पास एक ऐसे होटल में रुका था, जिसका पंजीकरण ही नहीं है। पुलिस की जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद खुफिया एजेंसी भी जांच में जुट गई हैं।
यह भी सामने आया है कि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे श्रवण निराला समेत कई नेता चाहते थे कि पुलिस उग्र हो जाए, ताकि इस आंदोलन को देश भर में हवा मिल जाए। लेकिन उनकी हर सोच को पुलिस समझ ली थी।
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एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर खुद शाम में कमान संभाल लिए थे और पुलिस को सख्त हिदायत दी गई थी कि वह उग्र न हो। यहां तक की महिलाओं को भी पुलिस ने खुद के साधन से घर तक छोड़ा।
जानकारी के मुताबिक, वीडियो बनाने और पदाधिकारियों से बातचीत करते समय फ्रांस नागरिक को पुलिस ने पकड़ा था। अब पता चला है कि वह लंबे समय से ऐसे आंदोलन का हिस्सा बनता है। इस आंदोलन को भी वह अपनी सोच से हवा देने के लिए आया था। इसके लिए उसने ऐसे होटल को चुना, जिस पर किसी की नजर न पड़े।
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खबर है कि पुलिस उस होटल तक पहुंच गई है। उसका पंजीकरण न होने की जानकारी भी मिली है। अब पुलिस उस पर कार्रवाई के मूड में है। पुलिस की जांच से एक बात तो साफ है कि हेनाल्ड वैलेन्टिन जीन रोजर ऐसे ही नहीं आया था। वह आंदोलन का हिस्सा था। फिलहाल, खुफिया एजेंसी और पुलिस गहनता से जांच कर रही है।