गोरखपुर जिले के 22 कारोबारियों पर खाद्य पदार्थों में मिलावट, मिथ्या छाप (मिस ब्रांड) पैकेजिंग एवं अधोमानक खाद्य सामग्री बेचने के मामले में 7.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से किए गए निरीक्षण में मिलावट मिली थी। इन पर मुकदमा दर्ज किया गया था। अपर जिलाधिकारी नगर की कोर्ट में सुनवाई के बाद उन पर जुर्माना लगाया गया। अभिहीत अधिकारी कुमार गुंजन ने बताया कि छेने की मिठाई में मिलावट के लिए बड़हलगंज के नलीन सोनकर, उरुवा बाजार के गोपाल, सिक्टौर के वीरेंद्र यादव पर जुर्माना लगाया गया। अधोमानक दूध बेचने के लिए रमेश यादव, अमरनाथ यादव, पनीर के लिए खजनी निवासी रामवृक्ष, सूर्यलाल पर कार्रवाई की गई है।
अधोमानक रिफाइंड पाम आयल बेचने के लिए बाला जी बेकर्स गीडा के शंभू प्रताप सिंह, इसी फर्म के सत्येंद्र कुमार श्रीवास्तव, अधोमानक क्रीम बेचने के लिए नौसड़ निवासी राजेंद्र यादव, मिथ्याछाप धनिया मिलने पर पादरी बाजार के रमेश चंद्र मिश्र, मिथ्याछाप कूकीज चाको चिप्स बेचने के लिए असुरन चौक निवासी विजय गुप्ता, तिवारीपुर स्थित लक्ष्मी फूड, तिवारीपुर निवासी अजय भारती, गोरखनाथ निवासी सरोज तुलस्यान, अलीगंज लखनऊ स्थित श्याम नमकीन एंड बेकर्स, मिथ्याछाप सिंघाड़ा बेचने पर गीता प्रेस रोड निवासी अजीत कुमार गुप्ता, मिथ्याछाप पानी बेचने वाले बिछिया निवासी सौरभ श्रीवास्तव एवं ओमप्रकाश जुर्माना लगाया गया है।
बेलघाट निवासी कारोबारी बृजराज यादव पर अधोमानक दूध के लिए, क्रीम पफ के लिए कैंपियरगंज निवासी राम अचल, चौरी चौरा निवासी प्रदीप कुमार पर मिलावटी फलाहारी नमकीन के लिए, झंगहा निवासी आमिद पर अधोमानक आइस्क्रीम के लिए, जंगल कौड़िया निवासी सोनू साहनी पर अधोमानक भैंस के दूध के लिए, लाल मोहम्मद पर दूध के लिए, चौरी चौरा निवासी धीरज कुमार पर मिथ्याछाप सिंघाड़ा आटा के लिए एवं खजनी निवासी रामकिशोर पर अधोमानक पिसा धनिया बेचने के लिए जुर्माना लगाया गया है। अभिहित अधिकारी ने बताया कि मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए जांच अभियान लगातार जारी रहेंगे।