अधिकारी रहने तक जो कर्मचारी आपके हर बात पर हामी भरते हैं, सेवानिवृत्ति के बाद वही सुनते भी नहीं। यह दर्द है सरकारी विभागों से सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों का। शुक्रवार (17 दिसंबर) को पेंशनर दिवस पर ये सेवानिवृत्त कर्मचारी डीएम से अपनी शिकायतें साझा कर सम्मानजनक व्यवहार और अधिकार दिलाने की मांग करेंगे।
सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के मंत्री नरसिंह प्रसाद कहते हैं कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कल्याण के लिए तैनात किए गए अधिकारी सुनवाई नहीं करते हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान बीमार हुए रिटायर्ड कर्मचारियों के इलाज के बिलों की प्रतिपूर्ति आज तक नहीं हुई है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद कर्मचारी बेवजह की आपत्तियां लगाते हैं। सरकार ने महामारी घोषित कर रखी थी, आपातकाल में आपत्तियां लगाना उचित नहीं है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष आईसीपीएन सिंह ने कहा कि भारत सरकार ने व्यवस्था की है कि एनपीएस में आच्छादित कर्मचारियों की मृत्यु होने पर यदि उनके आश्रित पारिवारिक पेंशन का विकल्प चुनते हैं तो टीयर-1 में जमा पूरी धनराशि आश्रित को जारी कर दी जाएगी। यह शासनादेश आज तक लागू नहीं हो सका है। फ्रीज महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। इन प्रमुख मांगों के अलावा पुरानी पेंशन बहाली सहित अन्य मांगें भी शुक्रवार को डीएम के साथ बैठक में रखी जाएंगी।