क्या है ग्रह का अस्त होना
ज्योतिषियों के अनुसार सौरमंडल में जब कोई ग्रह सूर्य से एक निश्चित दूरी पर आ जाता है। तो वह ग्रह प्रभावहीन हो जाता है, और अपनी आभा तथा शक्ति खोने लगता है। इस वजह से वह ग्रह सौरमंडल में दिखाई देना बंद हो जाता है। इसी को ग्रह का अस्त होना कहते हैं। विवाह और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ लग्न या मुहूर्त के लिए ग्रह तारों का बल देखा जाता है। जब गुरु या शुक्र ग्रह उदित होते हैं तो मांगलिक कार्य संपन्न किए जाते हैं। जब यह ग्रह अस्त होते है तो विवाह संस्कार एवं शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है।
चार माह में 40 दिन बजेगी शहनाई
खरमास के बाद अप्रैल से जुलाई तक चार माह के बीच 40 दिन शहनाई बजेगी। क्योंकि अप्रैल में 08 मई में 14, जून में 11 और जुलाई में 07 दिन लग्न के शुभ मुहूर्त हैं। 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ ही चार माह के लिए विवाह संस्कार सहित मांगलिक कार्य फिर रुक जाएंगे और नवंबर में देवउठनी एकादशी के साथ शुरू हो जाएंगे।
इन तिथियों में विवाह मुहूर्त
अप्रैल : 17, 19, 21, 22, 23, 28
मई : 02, 03, 09, 10, 11, 12, 13, 17, 18, 20, 25, 26, 31
जून : 06, 08, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 21, 22
जुलाई : 03, 05, 06, 08