दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कला संकाय में प्रशिक्षण के दौरान कई मतदान कार्मिक सीडीओ इंद्रजीत सिंह व उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार सिंह से मतदान ड्यूटी कटवाने के लिए अनुरोध करते दिखे।
दूसरे चरण के मतदान कर्मचारियों के प्रशिक्षण के पहले दिन रविवार को 689 कर्मचारियों ने पोस्टल बैलेट के जरिए मताधिकार का प्रयोग किया। सर्वाधिक 192 वोट शहर विधानसभा में पड़े। सबसे कम 40 वोट पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में पड़े।
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विधानसभा चुनाव के छठवें चरण के तहत तीन मार्च को होने वाले मतदान के लिए मतदान कार्मिकों का दूसरे चरण का प्रशिक्षण रविवार को दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कला संकाय भवन में शुरू हुआ। मतदान कार्मिकों के मतदान की भी व्यवस्था की गई है। पहले दिन 2400 मतदान कर्मियों को बुलाया गया था। इनमें से छह पीठासीन अधिकारी सहित कई कर्मचारी अनुपस्थित रहे।
उप निदेशक कृषि संजय सिंह के मुताबिक सभी विधानसभा क्षेत्रों के मतदान कार्मिकों के लिए अलग-अलग बूथ बनाए गए हैं। पहले दिन गोरखपुर शहर में 192, गोरखपुर ग्रामीण में 113, कैंपियरगंज में 49, पिपराइच में 40, सहजनवां में 62, खजनी में 42, चौरीचौरा में 38, बांसगांव में 66 और चिल्लूपार में 87 वोट डाले गए। यह प्रक्रिया प्रशिक्षण तक जारी रहेगी।
पहले दिन सभी विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग ऑफिसर मौके पर पहुंचे और मतदान का निरीक्षण किया। प्रशिक्षण के प्रभारी जिला बचत अधिकारी बृजेश कुमार यादव ने बताया कि कला संकाय के 30 कक्षों में प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। रैंडमाइजेशन के जरिए सभी मतदान कार्मिकों को विधानसभा क्षेत्र आवंटित किए गए हैं। अलग-अलग कक्षों में अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें ईवीएम संचालित करने से लेकर मतदान से जुड़ी हर प्रक्रिया के बारे में बताया गया। दो पालियों में हो रहे प्रशिक्षण में प्रत्येक पाली में 1200 लोगों को बुलाया गया है। आयुष विभाग की ओर से सभी मतदान कार्मिकों में आयुष किट वितरित की गई।
पीठासीन अधिकारियों को सौंपा गया झोला
प्रशिक्षण लेने आए पीठासीन अधिकारियों को मतदान सामग्री से भरा झोला सौंपा जा रहा है। झोले में चुनाव में काम आने वाले प्रपत्र दिए गए हैं। इनमें मतदाताओं के लिए रजिस्टर, मतदाताओं की पर्चियां, निर्वाचक नामावली का चिह्नित व वर्किंग प्रति, अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर की कॉपी, पीठासीन के लिए धातु की मुहर, पीठासीन की डायरी, रबर स्टैंप, वैकल्पिक दस्तावेज, निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची, पीठासीन की डायरी, रिपोर्ट लिफाफा, ड्यूटी प्रमाणपत्र, रसीद पुस्तक, पीठासीन के रिकॉर्ड के लिए लिफाफा, सामान्य पेंसिल, बालपेन, कोरा कागज, मुहरबंद के लिए कपड़ा, मतदान सामग्री, ब्लेड, मोमबत्ती, अमिट स्याही, ड्राइंग पिन, चेक लिस्ट, रबर बैंड व दवाएं दी गई हैं। ईवीएम और उससे जुड़े उपकरण पोलिंग पार्टियाें को रवाना होने के दिन दिया जाएगा।
ड्यूटी कटवाने के लिए करते रहे अनुरोध
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कला संकाय में प्रशिक्षण के दौरान कई मतदान कार्मिक सीडीओ इंद्रजीत सिंह व उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार सिंह से मतदान ड्यूटी कटवाने के लिए अनुरोध करते दिखे। कुछ महिला कर्मियों ने छोटे बच्चे का हवाला दिया तो कुछ ने पति व पत्नी, दोनों की ड्यूटी लगी होने की जानकारी देते हुए छूट मांगी। कुछ ने स्वास्थ्य खराब होने की दलील दी तो सीडीओ ने आश्वस्त किया कि उनका मामला मेडिकल बोर्ड को भेजा जाएगा। ऐसे में सभी के हाथ मायूसी ही लगी।