उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित 'प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम' (पीएमईजीपी) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार स्थापित करने के इच्छुक ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार व्यक्तियों/परंपरागत कारीगरों (जिनकी आयु 18 वर्ष से कम न हो) को 25 लाख रुपये तक की उत्पादन इकाई तथा 10 लाख रुपये तक सेवा उद्योग को स्थापित करने के लिए बैंक ऋण (पूंजीगत तथा कार्यशील पूंजी सहित) को राष्ट्रीयकृत बैंको के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है।
अगर आप ग्रामीण इलाके के निवासी हैं और उत्पादन या सेवा के क्षेत्र में स्वरोजगार करना चाहते हैं तो उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (पीएमईजीपी) आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। इस योजना के अंतर्गत बैंक से ऋण लेने पर ना सिर्फ प्रतिशत तक एकमुश्त अनुदान मिलेगा बल्कि 3 साल तक ब्याज भी नहीं देना होगा। यह योजना पूरे प्रदेश में लागू है। हर एक जिले के आवेदक अपने अपने जिले में इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित 'प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम' (पीएमईजीपी) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार स्थापित करने के इच्छुक ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार व्यक्तियों/परंपरागत कारीगरों (जिनकी आयु 18 वर्ष से कम न हो) को 25 लाख रुपये तक की उत्पादन इकाई तथा 10 लाख रुपये तक सेवा उद्योग को स्थापित करने के लिए बैंक ऋण (पूंजीगत तथा कार्यशील पूंजी सहित) को राष्ट्रीयकृत बैंको के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है।
इसके अंतर्गत सामान्य वर्ग पुरुष लाभार्थी को 25 प्रतिशत तथा आरक्षित वर्ग के लाभार्थियों (अनु. जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, द्विव्यांग, भूत पूर्व सैनिक एवं महिलाएं) को 35 प्रतिशत एक मुश्त मार्जिन मनी (सशर्त अनुदान) भारत सरकार द्वारा दी जाती है तथा बैंक द्वारा (स्वयं का अंशदान तथा मार्जिन मनी छोड़कर) निर्धारित ब्याज की अदायगी सुविधा 3 वर्षों तक उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विभाग के माध्यम से उद्यमी के पक्ष में बैंकों को किया जाता है।