परिवहन निगम के गोरखपुर परिक्षेत्र में अवैध रूप से चल रहीं (डग्गामार) बसें जल्द रोडवेज की अनुबंधित बसें कहलाएंगी। मुख्यालय ने परिक्षेत्र के अधिकारियों को 250 प्राइवेट बसों का रोडवेज के साथ अनुबंध कराकर उन्हें सड़क पर उतारने के निर्देश दिए हैं।
महानगर के रेलवे बस स्टेशन, कचहरी बस स्टेशन, पैडलेगंज, नौसड़ सहित अन्य चौराहों से अवैध तरीके से प्राइवेट बसों का संचालन हो रहा है। इससे परिवहन निगम को आर्थिक नुकसान के साथ ही यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। राहगीरों को भी जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टेंडर के बाद जो बसें मानक पर खरी होंगी, अनुबंध कर उन्हें रोडवेज के बेड़े में शामिल कर लिया जाएगा।
पांच साल कम पुरानी प्राइवेट बसें होंगी अनुबंधित
डग्गामार बसों को रोडवेज के बेड़े में शामिल करने के लिए नई नीति में कई छूट दी जा रही है। इसके तहत उन डीजल बसों को संचालित करने की अनुमति दी जा रही है, जो पंजीयन तारीख से पांच वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हैं। वहीं, सीएनजी बस पंजीयन तारीख से आठ वर्ष की आयु पूरी होने तक अनुबंधित की जा सकेगी।
परिक्षेत्र में 250 प्राइवेट बसों का रोडवेज के साथ अनुबंध कराने के निर्देश मिले है। टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। जो बसें मानक पर होंगी, उन्हें अनुबंधित कर रोडवेज के बेड़े में शामिल कर लिया जाएगा।
-पीके तिवारी, क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम गोरखपुर परिक्षेत्र