गोरखपुर में ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (ओबीपीएएस) के तहत लंबित मानचित्र मामलों के निस्तारण के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) में बुधवार से शुरू हुए विशेष शिविर में 17 मानचित्र स्वीकृत किए गए। इससे जीडीए को 55.92 लाख रुपये की आय हुई। शिविर अभी दो दिन और चलेगा। जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह का कहना है कि इसके बाद भी मानचित्र से जुड़ी किसी भी समस्या के संबंध में आवेदक उनसे सीधे मुलाकात कर सकते हैं। तत्काल मामले का निस्तारण कराकर संबंधित के मानचित्र स्वीकृत कराए जाएंगे।
जीडीए कार्यालय के भूतल पर तीन दिवसीय मानचित्र समाधान विशेष शिविर का बुधवार को शुभारंभ हुआ। पहले दिन 80 लोग शिविर में आए, इनमें से 18 ने मानचित्र से जुड़ी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। कमियों को दूर कराकर मौके पर ही इनमें से 17 मामलों का निस्तारण कर दिया गया। सुबह 10 बजे से ही लोग शिविर में पहुंचने लगे थे। कई लोगों ने शिविर में पहुंचकर जरूरी जानकारियां लीं और अगले दिन आने को कहा। 18 लोग प्रपत्रों के साथ आए थे। इनमें से एक का लो रिस्क (ले आउट अनुमोदित कालोनी के मानचित्र) एवं 17 का हाई रिस्क (अनियोजित कालोनी से जुड़े या व्यावसायिक मानचित्र) में मानचित्र का आनलाइन आवेदन लंबित था। शिविर में एक लो रिस्क के साथ ही हाई रिस्क वाले 16 आवेदनों का निस्तारण कर दिया गया। हाई रिस्क का एक मानचित्र लंबित है। उपाध्यक्ष ने उसे भी अगले एक सप्ताह में निस्तारित करने का निर्देश दिया।
खुद जीडीए उपाध्यक्ष और सचिव रहे मौजूद
विशेष मानचित्र शिविर में दो घंटे से अधिक समय तक खुद जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह, सचिव उदय प्रताप सिंह, मुख्य अभियंता पीपी सिंह मौजूद रहे। शिविर के दौरान मानचित्र विभाग से जुड़े सभी अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता मौजूद रहे। आवेदकों की समस्याएं सुनीं गईं। उन्हें आवेदन लंबित होने का कारण बताया गया और उसे दूर करने का भी तरीका बताया गया।
160 मामले एक महीने से अधिक समय से लंबित
अब भी ओबीपीएएस पोर्टल पर एक महीने से कम समय से 29 जबकि एक महीने से अधिक समय से 160 मामले लंबित हैं। शिविर में आए लोगों को ओबीपीएएस पोर्टल के प्रयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि ओबीपीएएस पोर्टल पर लंबे समय से लंबित मानचित्रों के निस्तारण के लिए बुधवार से विशेष शिविर की शुरूआत की गई है। छह और सात अक्तूबर को भी शिविर लगेगा। पहले दिन 80 लोग आए, जिनमें से 18 ने मानचित्र से जुड़ी समस्या बताई। 17 लोगों के मामले निस्तारित कर दिए गए हैं। इससे प्राधिकरण को करीब 56 लाख रुपये की आय हुई है।