बॉलीवुड बादशाह शाहरुख खान ने एक इवेंट के दौरान उस किस्से को याद किया जब उनकी मां उन्हें पहली बार थिएटर में पहली फिल्म दिखने ले गई थीं। यह फिल्म दिग्गज फिल्म निर्माता यश चोपड़ा की थी, जिनके साथ एसआरके ने कई बेहतरीन फिल्में की हैं। लेकिन फिल्म दिखाने के लिए किंग खान की मां ने उनके सामने एक खास शर्त रखी थी। आखिर क्या थी वह शर्त?
शाहरुख खान हाल ही में स्विटजरलैंड में 77वें लोकार्नो फिल्म फेस्टिवल में शामिल हुए थे, जहां उन्हें एक प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह के बाद, उन्होंने दर्शकों से बातचीत की और अपने प्रशंसकों के कुछ सवालों के जवाब भी दिए। इस दौरान शाहरुख ने अपनी यादों के पिटारे से एक दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि क्या हुआ था जब उनकी मां उन्हें पहली बार थिएटर में पहली फिल्म दिखने ले गई थीं।
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शाहरुख खान
- फोटो : इंस्टाग्राम@iamsrk
कैसे मिला था फिल्म देखने का पहला मौका
'डीडीएलजे', 'जवान' और 'पठान' जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों से हर किसी के मन में एक जगह बना चुके अभिनेता शाहरुख खान को सभी पसंद करते हैं। खासतौर पर उनका सिग्नेचर पोज हर किसी का पसंदीदा पोज है। हाल ही में शाहरुख ने अतीत से जुड़ा एक किस्सा सुनाया कि कैसे उन्हें पहली बार थिएटर में फिल्म देखने का मौका मिला था। लेकिन इसके लिए उन्हें अपनी मां की एक शर्त पूरी करनी पड़ी थी।
शाहरुख खान
- फोटो : इंस्टाग्राम@iamsrk
मां ने रखी थी एक शर्त
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शाहरुख की मां ने उनसे एक शर्त रखी थी कि वह उन्हें सिनेमाघर में फिल्म दिखने तभी ले जाएंगी, जब उन्हें हिंदी डिक्टेशन में पूरे अंक मिलेंगे, यानी 10 में से 10। शाहरुख खान बड़े पर्दे पर फिल्म देखने के लिए इतने उत्साहित थे कि उन्होंने जी जान से हिंदी में पूरे अंक हासिल किए और वादे के मुताबिक, उनकी मां लतीफ फातिमा खान ने उन्हें पहली बार थिएटर में फिल्म दिखाई। सबसे अहम बात यह है कि शाहरुख ने जो पहली फिल्म थिएटर में देखी वह निर्देशक यश चोपड़ा की 1973 की थ्रिलर 'जोशीला' थी। शाहरुख ने फिल्म देखने के बाद अपनी मां से तुरंत कहा कि यह वह फिल्म निर्माता हैं, जिसके साथ वह अपने करियर में सबसे ज्यादा फिल्में बनाएंगे।
शाहरुख खान
- फोटो : इंस्टाग्राम@iamsrk
यश और शाहरुख की जोड़ी
बता दें यश चोपड़ा के साथ शाहरुख खान ने कई फिल्मों में काम किया है। जिनमें 'डर', 'दिल तो पागल है', 'वीर-जारा', 'जब तक है जान' जैसी तमाम फिल्में शामिल हैं। इसके अलावा दिग्गज फिल्म निर्माता यश चोपड़ा के बेटे आदित्य चोपड़ा बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' की थी, जिसमें शाहरुख और काजोल की जोड़ी सभी के दिल में उतर गई थी। यह फिल्म आज एक कल्ट क्लासिक बन चुकी है।
दिल्ली वापस आना चाहते थे शाहरुख
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान शाहरुख खान ने यह भी बताया कि वह जब 1990 में मुंबई आए थे तो यही सोच कर आए थे कि वह एक साल तक काम करेंगे, 1 लाख रुपये कमाएंगे, खुद के लिए एक घर खरीदेंगे और फिर वापस जाकर वैज्ञानिक या फिर मास कम्युनिकेशन जर्नलिस्ट बनेंगे। टीवी में काम करने के तुरंत बाद, वह फिल्मों में चले गए और उन्हें "छोटे-मोटे रोल मिले।" फिर एक के बाद एक चीजें होती गईं और तब से वह अपने गृहनगर दिल्ली वापस ही नहीं लौट पाए।