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KBC 13: जानवरों के लिए कुछ करना चाहती हैं गीता सिंह, अमिताभ की तारीफ में कही यह बात

Wed, 10 Nov 2021 06:17 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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गीता सिंह गौर - फोटो : Instagram
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ग्वालियर की गीता सिंह गौर कौन बनेगा करोड़पति 13 की तीसरी करोड़पति बन गई हैं। गीता ने एक करोड़ रुपये के सवाल का सही जवाब दे दिया है। 53 साल की गीता अपनी जिंदगी की सेकेंड इनिंग में खुद के लिए जीने की ख्वाहिश रखती हैं। केबीसी 13 के मंच पर गीता ने अपने बारे में कई बातें बताईं। उनकी प्रेरक कहानी कई गृहणियों के लिए मिसाल बन सकती है, अमर उजाला से खास बातचीत के दौरान गीता ने केबीसी से जुड़ी कई बातें बताईं साथ ही अपनी जिंदगी के कुछ अनछुए पहलुओं से भी रूबरू कराया। 

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इतने बड़े गेम शो केबीसी के लिए जब आपका चुनाव हुआ, आपका रिएक्शन कैसा था?
केबीसी के लिए मेरा चयन किसी सपने के साकार होने जैसा था। कोई ऐसा सपना जो आपकी आंखों में हो और अचानक मिल जाए, तो कुछ समझ नहीं आता। मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही था। यह अनुभव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मैं अपनी खुशी ही जाहिर नहीं कर पा रही थी।
 

गीता सिंह गौर - फोटो : Instagram
अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठने का अनुभव कैसा रहा? क्या कभी डर लगा?
अमिताभ बच्चन के साथ बैठने का अनुभव शानदार रहा। शुरुआत में मुझे लग रहा था कि वे इतनी बड़ी हस्ती हैं लेकिन उनसे मिलने के बाद लगा कि वह बहुत शालीन व्यक्ति हैं। वह किसी को अपने सेलिब्रिटी होने के अहसास ही नहीं होने देते। वह खुद ही हमें सहज करने की कोशिश करते हैं।


लोग कहते हैं हर कामयाब शख्स के पीछे महिला का हाथ होता है आपकी कामयाबी में आपके पति का कितना साथ रहा?
मेरी कामयाबी में न केवल मेरे पति बल्कि मेरी बेटियां, मेरे दामाद सभी ने बराबरी का सहयोग किया है। तब जाकर मैं हॉटसीट पर बैठी और गेम खेल पाई। मेरे पति ने भी मेरा बराबर साथ दिया है।
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गीता सिंह केबीसी की तीसरी करोड़पति - फोटो : सोशल मीडिया

जीती हुई राशि का आप क्या करेंगी?
जब पहचान बनानी है तो उसके लिए कुछ करना ही पड़ेगा। मैं अलग-अलग हिस्सों में जीती हुई रकम खर्च करना चाहती हूं। मुझे जानवरों से बहुत लगाव है, वे बेजुबान होते हैं और मैं उनके लिए कुछ अच्छा करना चाहती हूं। मनुष्य को भूख लगती है तो वह मांगकर खा सकता है लेकिन जानवर अपनी तकलीफ नहीं बता सकते। मैं इनके लिए कुछ न कुछ जरूर करना चाहूंगी। मेरे बच्चों को भी जानवरों से उतना ही लगाव है।


आपने अपनी पूरी जिंदगी अपने परिवार को दे दी, इन सभी लोगों का आपके जीवन में कितना महत्व है?
मेरा परिवार ही मेरी जिंदगी है। उनके बिना मेरा जीवन कुछ भी नहीं है।


आप देश की तमाम गृहणियों को क्या संदेश देना चाहेंगी?
मैं चाहती हूं कि जैसे मेरा परिवार मेरे सुख दुख में साथ था, उसी तरह हर गृहणी को उसके परिवार का सपोर्ट मिले। तभी हर गृहणी अपने जीवन में कुछ न कुछ कर पाएगी। अपने शौक के बारे में गीता कहती हैं, मुझे खाली समय में स्वेटर बुनना, सिलाई-कढ़ाई करने का शौक है। जब भी मुझे खाली समय मिलता है मैं ये सब करती हूं।

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