सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) की एंट्रस्टमेंट डॉक्यूमेंट फ्रॉड (ईडीएफ) विंग-I ने गुरुवार को एक बिजनेसमैन के साथ ₹15.83 करोड़ रुपये का फ्रॉड करने के आरोप में रविंदर चंद्रशेखरन को अरेस्ट कर लिया है। फिलहाल, मामले की जांच चल रही है और रविंदर को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है।
जानें पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक 'मदव मीडिया प्राइवेट लिमिटेड' के बालाजी कापा ने ग्रेटर चेन्नई पुलिस कमिश्नर के सामने शिकायत दर्ज कराई कि। शिकायत में कहा गया कि अक्टूबर 2020 में लिब्रा प्रोडक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के 39 साल के रविंदर चंद्रशेखरन ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने नगर पालिका के सॉलिड वेस्ट को एनर्जी में बदलने के लिए एक नया बिजनेस प्रपोजल रखा और फाइनेंस की सहायता मांगी। उन्होंने 17 सितंबर 2020 को एक इन्वेस्टमेंट एग्रीमेंट किया और बालाजी कापा ने ₹15.83 करोड़ का पेमेंट किया। रकम मिलने के बाद रविंदर ने न तो एनर्जी का कारोबार शुरू किया और न ही रकम वापस की।