अभिनेता सूर्या, जो विजयकांत के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके, उन्होंने डीएमडीके पार्टी मुख्यालय में दिवंगत अभिनेता को सम्मान दिया, जहां उन्हें दफनाया गया है। अभिनेता ने विजयकांत की कब्र पर समय बिताया और वहां भावुक होते दिखे। सूर्या, विजयकांत को श्रद्धांजलि अर्पित करते वक्त फूट-फूटकर रोने लगे। अभिनेता का वीडियो सोशल मीडिया पर ताबड़तोड़ वायरल हो रहा है। उनके हाव-भाव ने तमाम ऑनलाइन लोगों को प्रभावित किया है।
29 दिसंबर को विजयकांत के अंतिम संस्कार के दौरान सूर्या शहर से बाहर थे क्योंकि वह अपनी आगामी फिल्म 'कंगुवा' की शूटिंग में व्यस्त थे। इस यात्रा के दौरान अभिनेता कार्थी भी उनके साथ थे। बाद में मीडिया से बात करते हुए, सूर्या ने कहा, 'आखिरी बार मैं उनका चेहरा नहीं देख सका, यह अपराधबोध मेरे और कार्थी के मन में जीवन भर रहेगा। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है और उन्हें देखकर मैं काफी फॉलो भी कर रहा हूं।'
सूर्या ने बयान में आगे जोड़ा, 'उन्होंने मुझे केवल लकड़ी की कुर्सी पर बैठने के लिए कहा था और मैं आज तक इसका पालन करता हूं... सेट पर एक कुर्सी होती है जो वैसी ही होती है जैसी वह इस्तेमाल करते थे। यह हमारे लिए बहुत बड़ी क्षति है, और उनकी कमी कोई नहीं भर सकता। फिल्म इंडस्ट्री में उनकी याद में कुछ किया जाना चाहिए और मुझे उम्मीद है कि जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी। मैं उनके बारे में इतनी अच्छी यादें वापस लाने के लिए मीडिया को धन्यवाद देता हूं। तमाम नकारात्मकता के बीच, ऐसी अच्छी चीजें देखना खुशी की बात है।'
सूर्या के साथ-साथ उनके पिता शिवकुमार ने भी विजयकांत को अंतिम श्रद्धांजलि दी। सूर्या और विजयकांत ने फिल्म 'पेरियाना' (1999) में एक साथ अभिनय किया। कैप्टन ने फिल्म में एक विस्तारित कैमियो निभाया, जिसका निर्देशन एसए चन्द्रशेखर ने किया था। यह सूर्या के लिए अधिक प्रचार लाने में मदद करने के लिए विजयकांत का दयालु इशारा था। इससे पहले उन्होंने विजय के लिए एक विस्तारित कैमियो सेंधुरापंडी करके भी यही काम किया था। विजयकांत का 28 दिसंबर, 2023 को कोरोना वायरस संक्रमण से पीड़ित होने के बाद निधन हो गया। उन्हें चेन्नई के एमआईओटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।