रेखा की कास्टिंग के खिलाफ थे नवीन?
फिल्म 'सावन भादो' बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक्टर नवीन निश्चल फिल्म 'सावन भादो' में रेखा को लिए जाने के खिलाफ थे। उनके मुताबिक अभिनेत्री 'काली' और 'मोटी' थीं। हालांकि, बाद में इस फिल्म में साथ काम करते हुए दोनों के अफेयर के खूब चर्चे रहे। अधिकांश फिल्मों में पुलिस ऑफिसर के रोल में नजर आने वाले अभिनेता इफ्तेखार भी इस फिल्म में नजर आए। यह उनकी ऐसी दुर्लभ फिल्मों में एक है, जिसमें वे नेगेटिव रोल में दिखाई दिए थे।
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मोहन सहगल ने किया था नवीन को लॉन्च
फिल्म 'सावन भादो' का निर्देशन मोहन सहगल ने किया था। इस फिल्म में नवीन निश्चल की कास्टिंग को लेकर भी एक किस्सा है। दरअसल, अपने कॉलेज के दिनों में नवीन निश्चल का प्रदर्शन काफी खराब चल रहा था। नवीन के पिता के साथ मोहन सहगल उनके कॉलेज गए थे। उस दौरान एक्टर के पिता ने मोहन सहगल से अपने बेटे के लिए कुछ करने के लिए कहा। मोहन सहगल ने नवीन को पूना फिल्म इंस्टीट्यूट भेजा और उनका खर्चा भी खुद उठाया। नवीन निश्चल पूना फिल्म इंस्टीट्यूट के गोल्ड मेडलिस्ट रहे। नवीन जब लौटे तो 'सावन भादो' से उन्हें लॉन्च किया।
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फिल्म के लिए रेखा ने सीखी हिंदी
वैसे तो रेखा की शुरुआत हिंदी फिल्मों में वर्ष 1969 में बनी एक फिल्म 'अंजाना सफर' से होने वाली थी लेकिन यह फिल्म कुछ दृश्यों की वजह से सेंसर बोर्ड में अटकी रही और पूरे एक दशक बाद 'दो शिकारी' शीर्षक से 1979 में रिलीज हुई। 'सावन भादों' में रेखा ने गांव की एक लड़की चंदा का किरदार निभाया है। वह काफी बहादुर होती है इसलिए फिल्म के मुख्य अभिनेता नवीन निश्चल के किरदार विक्रम का दिल चंदा पर आ जाता है। रेखा हिंदी भाषी नहीं थीं इसलिए उन्होंने इस फिल्म के लिए थोड़ी बहुत हिंदी सीखी और इसी फिल्म से उन्हें हिंदी फिल्मों में पहचान मिल गई।