उन्होंने आगे कहा, "जैसा कि हम डिजिटल होते जा रहे हैं और अधिक फिल्में प्लेटफार्मों पर स्ट्रीम की जा रही हैं, मैं सरकार से पूछता हूं कि ओटीटी पर डिजिटल पायरेसी के मुद्दे को रोकने के लिए क्या किया जा रहा है।"
बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा के पति और आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने शुक्रवार (2 अगस्त) को राज्यसभा सत्र के दौरान फिल्म पायरेसी के खिलाफ बात की, जो मनोरंजन इंडस्ट्री को प्रभावित करती है। संसद में अपनी चिंता व्यक्त करने के बाद, राघव ने इस मुद्दे को उजागर करने के लिए अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट का भी सहारा लिया। हालांकि, पोस्ट शेयर करने के तुरंत बाद, नेटिजंस ने उन्हें ट्रोल किया और दावा किया कि परिणीति ने उनसे इस मुद्दे को उठाने के लिए कहा होगा।
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राघव ने फिल्म पायरेसी के मुद्दे को उठाया
अपने एक्स पोस्ट में, राघव ने लिखा, "पायरेसी एक महत्वपूर्ण परेशानी है, जो फिल्म इंडस्ट्री में और अब ओटीटी दुनिया में भी प्रेजेंट है। फिल्म इंडस्ट्री को पायरेसी के कारण सालाना 20,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। महामारी के दौरान ऑनलाइन पायरेसी में 62% की वृद्धि देखी गई। हमने एक साल पहले सिनेमैटोग्राफिक (संशोधन) विधेयक पारित किया था, लेकिन इसमें ऑनलाइन पायरेसी के खिलाफ ठोस तंत्र का अभाव है और यह मुख्य रूप से मल्टीप्लेक्स में एंटी-कैम रिकॉर्डिंग पर केंद्रित है।"
सरकार से किया यह सवाल
उन्होंने आगे कहा, "जैसा कि हम डिजिटल होते जा रहे हैं और अधिक फिल्में प्लेटफार्मों पर स्ट्रीम की जा रही हैं, मैं सरकार से पूछता हूं कि ओटीटी पर डिजिटल पायरेसी के मुद्दे को रोकने के लिए क्या किया जा रहा है और क्या सरकार के पास इसके लिए एक समर्पित कानून लाने की कोई योजना है?" राघव की तारीफ करते हुए परिणीति ने उन्हें स्टार कहा है।
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सोशल मीडिया पर हुई आलोचना
उनके पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने लिखा, "अब परिणीति चोपड़ा के कहने पर ये राजनीति करेगी।" दूसरे यूजर ने कमेंट किया, "बकवास। अब आप अपनी पत्नी के इंडस्ट्री की सेवा कर रहे हैं।"एक और यूजर ने लिखा, "कोई चिंता नहीं। हम मुफ्त प्लेटफॉर्म पर भी फ्लॉप अभिनेता और अभिनेत्रियों की फिल्में नहीं देखते हैं और यह आपकी पत्नी और उनकी फिल्मों से बिल्कुल भी संबंधित नहीं है।"