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Special Ops Review: अंत तक बांधने में सफल नीरज पांडे की पहली वेब सीरीज, दिखा वेडनेसडे बेबी वाला हुनर

Wed, 18 Mar 2020 05:27 PM IST
Mishra Mishra पंकज शुक्ल, मुंबई
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Special Ops - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
डिजिटल रिव्यू: स्पेशल ऑप्स (वेब सीरीज)
कलाकार: के के मेनन, करण टैकर, माहेर विज, मुजम्मिल इब्राहिम, विपुल गुप्ता, सज्जाद डेलाफ्रूज, विनय पाठक, रजत कौल, गौतमी कपूर और परमीत सेठी आदि।
निर्देशक: नीरज पांडे और शिवम नायर
ओटीटी: हॉट स्टार
रेटिंग: ****


देश में नोटबंदी का एलान हो चुका है। रॉ का चीफ एनालिस्ट अभी एटीएम से बड़ी मुश्किल से ढाई हजार के नोट लेकर निकला है और फोन आता है। फोन पर उसका तैयार किया हुआ दुबई का एक एजेंट है जिसे वहां के अंडरवर्ल्ड में अपना भरोसा स्थापित करने के लिए कश्मीर में आतंकवादियों को एक करोड़ रुपये की नकदी पहुंचाने का काम मिलता है, वह भी नई करेंसी के नोटों में। या फिर, एक दूसरा एजेंट है। विदेश में कही किसी ऊंची जगह पर टेलीस्कोपिक राइफल लिए एक बंदे की खोपड़ी उड़ाने की तैयारी में। चीफ एनालिस्ट का फोन आता है। एजेंट ब्लफ करता है। चीफ एनालिस्ट उसे उसकी लोकेशन समेत ये भी बता देता है कि जिस पर वह निशाना लगाए बैठा है, वह केजीबी (रूसी खुफिया एजेंसी) का एजेंट है। यह है जासूसी फिल्मों के मास्टर नीरज पांडे की स्पेशल ऑप्स। इस सीरीज को देखते हुए आपको देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अक्स सीरीज के मुख्य किरदार हिम्मत सिंह में नजर आ सकता है। और, अगर ऐसा होता है तो इसमें कोई बुराई भी नहीं है।
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Special Ops - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
कागज के फूल, गाइड, मुगल ए आजम, हम किसी से कम नहीं, चौदहवीं का चांद, कुर्बानी, शतरंज के खिलाड़ी और शोले, कहने को तो ये हिंदी सिनेमा की आठ कल्ट फिल्में हैं लेकिन स्पेशल ऑप्स के आठ एपीसोड का नामकरण और विस्तार नीरज ने इन्हीं की थीम पर किया है। कहानी, निर्देशन, अभिनय, संगीत और तकनीकी पक्ष, इन पांचों कसौटियों पर ये बिल्कुल खरी उतरती है।
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Special Ops - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
स्पेशल ऑप्स की कहानी है रॉ एजेंट हिम्मत सिंह की जिसके बारे में शो की शुरुआत में ही पता चल जाता है कि ये शख्स कराची में भी महीनों रह चुका है। इस पर इल्जाम ये है कि इसने देश के खजाने के 28 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं और इसका हिसाब इसके पास नहीं है। वह कहता भी है, ‘जब हिसाब रखना न आता हो तो हिसाब देना बहुत मुश्किल हो जाता है।’ उसके खिलाफ जांच बैठी है और जांच समिति के सामने वह इन खर्चों को गिनाने के क्रम में अपने ऑपरेशन की कहानी सुनाता है, ये कहानी ही स्पेशल ऑप्स का विस्तार है।

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Special Ops - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
कहानी का मूल सूत्र ये है कि संसद पर हुए आतंकी हमले में हिम्मत सिंह को एक छठे आतंकी के होने का विश्वास है और उसकी खोज में वह पिछले 19 साल से लगा हुआ है। सीरीज की रिसर्च पर भी काफी मेहनत की गई दिखती है। संसद पर हमले का दृश्य दिखाते हुए असल घटना की तरह यहां भी एक महिला कांस्टेबल शहीद होती दिखाई जाती है। दुबई में बैठे लोगों के रिश्ते हिंदी सिनेमा के शाहरुख और एक बड़ी हीरोइन से बताए जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के एलान को भारत में रात के आठ बजे के हिसाब से दुबई में शाम 6.30 बजे ही दिखाया जाता है।
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Special Ops - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
अभिनय के लिहाज से के के मेनन ने कमाल की एक्टिंग की है। देश के दुश्मनों को तलाशते एक रॉ एजेंट की कैसे अपनी बेटी से उसके बॉयफ्रेंड के बारे में पूछताछ करते बोलती बंद हो जाती है, देखने लायक है। या फिर, अपनी पत्नी से उसके अंतरंग क्षणों के दृश्य भी खासे प्रभावशाली बन पड़े हैं। अजमल कसाब के उसकी शिष्टता की तारीफ करते ही कैसे वह तुरंत खालिस पुलिसिया भाषा में उससे बात करता है, वह भी देखने लायक है।
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Special Ops - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
रॉ एजेंट बने करण टैकर ने इस सीरीज से मनोरंजन की दुनिया में शानदार वापसी की है। उनके किरदार को जमने में थोड़ा वक्त लगता है लेकिन जमता है तो फिर मामला जमा देता है। विनय पाठक ने दिल्ली पुलिस के दरोगा अब्बास शेख के किरदार में शानदार काम किया है। हिम्मत सिंह के पीछे लगी केंद्रीय मंत्री को उनके घर जाकर कायदे से समझाने वाला बहुत ही बहुत प्रभावशाली है। मुजम्मिल इब्राहिम, विपुल गुप्ता और सज्जाद डेलाफ्रूज ने भी सीरीज को प्रभावशाली बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

कहानी देश और विदेश में समानांतर चलती है। विदेश में तमाम अलग अलग लोकेशन्स पर फिल्माए गए सीरीज के दृश्य बहुत ही भव्य स्तर पर शूट किए गए हैं। एक्शन दृश्य तो लाजवाब हैं हीं, सुधीर पलसाने और अरविंद सिंह की सिनेमैटोग्राफी सीरीज को बड़े परदे पर देखने के लिए ललचाती है। सीरीज की पटकथा के साथ साथ प्रवीण काठीकुलोठ की एडीटिंग सारे एपिसोड एक के बाद एक देखने के लिए रोके रहती है। फाल्गुनी ठाकोर के डिजाइन किए कपड़े किरदारों के हिसाब से बिल्कुल मुफीद हैं। अद्वैत का बैकग्राउंड म्यूजिक भी सस्पेंस बनाए रखने में बहुत मदद करता है। स्पेशल ऑप्स बिंज वाचिंग यानी कि पूरी सीरीज को एक साथ देखने के लिए बिल्कुल परफेक्ट है।
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