इस इंटरव्यू के बाद मशहूर मोहिनीअट्टम नर्तक डॉ. आरएलवी रामकृष्णन ने आरोप लगाया कि सत्यभामा की टिप्पणियां उन पर ही थीं। साथ ही, उन्होंने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की भी धमकी दी।
वरिष्ठ मोहिनीअट्टम नृत्यांगना कलामंडलम सत्यभामा अपने बयान की वजह से सुर्खियों में आ गई हैं। हाल ही में एक यूट्यूब चैनल के साथ एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने एक साथी कलाकार के खिलाफ कथित तौर पर नस्लवादी टिप्पणी कर दी थी। इस बाद से ही वे राजनेताओं और कई सांस्कृतिक संगठनों के निशाने पर आ गई हैं।
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साथी कलाकार ने लगाया गंभीर आरोप
इस इंटरव्यू के बाद मशहूर मोहिनीअट्टम नर्तक डॉ. आरएलवी रामकृष्णन ने आरोप लगाया कि सत्यभामा की टिप्पणियां उन पर ही थीं। साथ ही, उन्होंने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की भी धमकी दी। बयान पर हंगामा होने के बाद सत्यभामा ने इस पर अपनी सफाई दी है। रामकृष्णन के आरोपों से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि साक्षात्कार में विशेष रूप से किसी का नाम नहीं लिया गया था।
इस बयान पर हो रहा विवाद
इंटरव्यू के दौरान सत्यभामा ने कहा था, "जो भी मोहिनीअट्टम करता है उसे 'मोहिनी' होना चाहिए। उनका रंग कौवे जैसा है। यह एक ऐसी कला है, जिसके लिए पैरों को चौड़ा करके रखना होता। इससे बुरा कुछ भी नहीं हो सकता है कि एक व्यक्ति अपने पैरों को चौड़ा करके प्रदर्शन करता है। कई समाचार चैनलों द्वारा प्रसारित साक्षात्कार के कुछ हिस्सों में 66 वर्षीय सत्यभागा को यह कहते हुए सुना गया कि उनकी राय में पुरुषों को मोहिनीअट्टम केवल तभी करना चाहिए जब वे अच्छे दिखने वाले हों... लेकिन उनका रूप झेला नहीं जा सकता है।" हालांकि, सत्यभामा ने यह नहीं बताया कि उनका इशारा किसकी ओर था।
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राजनेताओं ने की आलोचना
गुरुवार को वायरल हुए इस वीडियो की राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसकी कड़ी आलोचना की। राज्य के मंत्री आर बिंदू और वीना जॉर्ज और केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने बयान की निंदा की, जबकि कांग्रेस ने त्रिशूर जिले के चलाकुडी शहर में विरोध मार्च निकाला।