लोक गायिका नेहा सिंह राठौर अक्सर अपने गीतों और बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं। वे अक्सर भोजपुरी सिनेमा इंडस्ट्री में अश्लील गीत गाने वाले गायकों की आलोचना करती हैं और पुराने लोकगीत, भोजपुरी संस्कृति का प्रचार-प्रसार करती हैं। अक्सर उनके गीत वायरल होते हैं और वे अपने गीतों के माध्यम से राजनेताओं पर भी निशाना साधती रहती हैं। वहीं नेहा सिंह ने एक बार फिर भोजपुरी गीतों को गाने के बारे में बात करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य भोजपुरी गीतों और भाषा को बचाना है।
पूर्वजों के गाने बचाने की कोशिश
उन्होंने कहा कि भोजपुरी को बचने के लिए उनका आंदोलन तीन से चार साल से चल रहा है, जिसमें वे अकेली संघर्ष कर रही हैं। इस बारे में बात करते हुए नेहा ने कहा, 'मैंने तीन-चार साल पहले भोजपुरी बचाओ आंदोलन शुरू किया था। इसके तहत भोजपुरी को संरक्षित करने के लिए उन गीतों की एक डायरी बना रही हूं, जो 30-40 साल पहले हमारे पूर्वजों ने गाए थे। भोजपुरी को समृद्ध बनाने के लिए मैं साफ-सुथरे गाने लिख रही हूं। आजकल अश्लील भोजपुरी गाने बजते हैं। मैंने इसके खिलाफ यह आंदोलन शुरू किया है।'
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अश्लील गीत गाने वाले राजनीति में बैठे
इसके साथ ही उन्होंने अश्लील गीत गाने वाले गायकों के बारे में बात की। साथ ही यह मुद्दा भी उठाया कि कैसे अश्लील गीत गाने वाले लोग राजनीति और संसद में बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा, 'मेरी लड़ाई उन लोगों के खिलाफ है, जो 'लहंगा उठा देब रिमोट से' और 'फटाफट' जैसे गाने गाकर संसद में बैठे हैं। 'खोल के देखाव'...जब ऐसे गीत गाने वाले लोगों को टिकट दिया जाता है तो लड़ाई, मेरा आंदोलन और मेरे सवाल तीखे हो जाते हैं।'
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बीजेपी पर नेहा का हमला
नेहा सिंह राठौर ने आगे कहा, 'बीजेपी ने पवन सिंह को आसनसोल से मैदान में उतारा है, इसलिए मुझे लगता है कि बीजेपी ऐसे गायकों को बढ़ावा दे रही है और भाषा का अपमान करने वाले लोगों को टिकट देकर सम्मानित कर रही है। यह मेरी लड़ाई है। लोगों ने भोजपुरी को बदनाम किया है। संसद को ऑर्केस्ट्रा, डीजे नहीं बनाया जाएगा। यह सम्मानजनक जगह है।'
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