अभिनेता ने बताया कि पिता का अंतिम संस्कार करने के बाद वह मां से बोलकर कहीं चले गए, हालांकि, वह मुंबई बिलकुल भी नहीं लौटना चाहते थे। एक्टर कहते हैं कि मौत को इतने करीब से देखने के बाद मैने सोचा था कि, ‘जब यही जिन्दगी है तो क्यों ना ऊपर वाले की चीजों को देखा जाए, जिस दुनिया में उसने भेजा, मैं अच्छे से देखता हूं पहाड़ों में कहीं कुछ।’
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन सब के बाद संजय गंगोत्री में सड़क किनारे एक बूढ़े आदमी के ढाबे पर काम करने लगे थे। कहा जाता है कि यहां काम करने के दौरान कुछ दिन बाद ही लोगों ने उन्हें पहचानना शुरू कर दिया था। इसके बाद संजय मिश्रा को रोहित शेट्टी ने फिल्म ऑल द बेस्ट ऑफर की, जिसके बाद उन्होंने फिल्मों में वापसी की थी।