वहीं, अभिनेत्री के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया एक यूजर ने लेखिक का समर्थन किया। एक यूजर ने कमेंट किया कि अभियान क्रिसमस या ईद के दौरान नहीं चलेगा। इस पर दिव्यांका ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि महिलाओं को क्या पहनना चाहिए या क्या नहीं, यह केवल उनकी पसंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं एक ब्राह्मण लड़की हूं, लेकिन मैं बिंदी नहीं लगाना चुन सकती हूं। हरा रंग मां कात्यायनी का भी है, जो विकास का प्रतीक है।'
ज्यादातर नेटिजन्स ने एक्ट्रेस को इस कैंपेन के बारे में पढ़ने को कहा। दिव्यांका ने अपनी बात रखते हुए कहा कि यह महिलाओं की पसंद होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में उन्होंने बिना बिंदी के एक दिवाली विज्ञापन के लिए शूटिंग की। अभिनेत्री ने कहा कि एक ब्रांड का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
इतना ही नहीं उन्होंने बाकी महिलाओं से भी इसके समर्थन में खड़े होने को कहा। दिव्यांका ने ट्वीट किया, "दुनिया भर में मेरी प्यारी महिलाएं, आप मुझसे सहमत होंगी, सही टैग होना चाहिए, #NoTurbanNoBusiness #NoDhotiNoBusiness #NoMoustacheNoBusiness, अब समय आ गया है, जब महिलाओं को किसी भी धार्मिक फैशन से बाहर करना शुरू कर दें।