19 नवंबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की हार के बाद बॉलीवुड निर्माता अतुल कस्बेकर ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने ट्विटर का सहारा लिया और क्रिकेट स्टेडियमों में उचित प्रशंसकों के लिए जोर दिया।
19 नवंबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की हार के बाद बॉलीवुड निर्माता अतुल कस्बेकर ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने ट्विटर का सहारा लिया और क्रिकेट स्टेडियमों में उचित प्रशंसकों के लिए जोर दिया। उनका कहना है कि सेमी फाइनल में प्रशंसक जिस तरह फैंस टीम की हौसला अफजाई कर रहे थे। वैसे ही अहमदाबाद के स्टेडियम में भी होना चाहिए था।
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WC फाइनल पर नीरजा के निर्माता अतुल कस्बेकर का बड़ा बयान
निर्माता ने यह भी कहा कि 2011 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में मैच होने पर भारत ने कप कैसे जीता था। इसका हवाला देते हुए किसी को भी स्थानों को बुद्धिमानी से चुनने की जरूरत है। अतुल कसबेकर ने अपने एक्स पर लिखा, "अंतिम शब्द अहमदाबाद की भीड़ बकवास थी। रात में उड़ने वाले नाटकों के बजाय स्टेडियम के अंदर उचित प्रशंसको की आवश्यकता थी। सेमी फाइनल में वानखेड़े में अच्छे लोगों की तरह उचित प्रशंसकों ने टीम का उत्साह बढ़या था और विशेष रूप से कैच छूटने के बाद शमी का बिना रुके हौसला बढ़ाया था।"
स्टेडियम की भीड़ को बताया हार की असल वजह
निर्माता ने आगे यह भी कहा, "टीम को अच्छे ऊर्जा की जरूरत थी, जब कीवी टीम खराब दिख रही थी तब उन्हें भीड़ द्वारा ऊपर उठाया गया था। पिछली बार 2011 में मुंबई में विश्व कप फाइनल हुआ था, जिसमें हमने जीत हासिल की थी। इसलिए मुझे लगता है कि क्रिकेट के लिए स्थानों को बुद्धिमानी से चुनना चाहिए।"
टीम इंडिया को दीं शुभकामनाएं
उन्होंने टीम इंडिया को शुभकामनाएं देते हुए कहा, "सोचा था कि मैं टूटकर उठूंगा। अजीब बात है। क्या टीम इंडिया ने हमें वनडे में अब तक देखी गई कुछ सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट नहीं दी है। पिछले गेम में ऐसा नहीं हुआ था, लेकिन नीली वर्दी वाले खिलाड़ियों पर मुझे बहुत गर्व है। धन्यवाद हम सभी का मनोरंजन करने के लिए और हम सभी को गौरवान्वित करने के लिए।"