मानुषी छिल्लर और अक्षय कुमार
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
मानुषी कहती हैं, "पुरुषों और महिलाओं का लड़कियों के अधिकारों को लेकर मुखर होना जरूरी है। यह एक सच्चाई है कि महिलाओं को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए अपेक्षाकृत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। महिलाओं को सत्ता अपने हाथों में लेनी होगी और इस धारणा को आकार देना होगा कि एक लड़की को खुद को किस तरह देखना चाहिए। ये अवसरों और रूढ़ियों से भरी दुनिया है जो बेहतर भविष्य और बेहतर जिंदगी के लिए बेड़ियों का काम करती है। यह उन रूढ़ियों को तोड़ने का वक्त है।"
अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस को लेकर अपने प्रयासों के बारे में पूछे जाने पर मानुषी कहती हैं, ''इस अवसर पर मैं इस मुद्दे पर अधिक से अधिक लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए सोशल मीडिया की ताकत का इस्तेमाल करूंगी। मैं दुनिया को यह दिखाने के लिए रचनात्मक लोगों के साथ जुड़ना चाहती हूं कि समान अधिकारों को लेकर हम कैसा महसूस करते हैं और एक महिला के तौर पर कैसा महसूस करना चाहते हैं।”