कंगना ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि अदालत उनके खिलाफ पक्षपाती है। हालांकि, दांडे ने अपने आदेश में फैसला सुनाया कि मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट, 10 वीं अदालत, अंधेरी ने आरोपी को उसके सभी छूट आवेदनों को स्वीकार करके अनुपस्थित रहने का उचित अवसर दिया है। उन्होंने कहा, मैंने अंधेरी के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा पारित सभी आदेशों का अध्ययन किया है। उन्होंने विवेकपूर्ण तरीके से आदेश पारित किए हैं।
अदालत ने कहा कि उसका विचार है कि कंगना रनौत यह दिखाने के लिए एक सकारात्मक, ठोस मामला बनाने में विफल रही है कि उसकी आशंका वाजिब है। कोर्ट ने साफ कहा कि कंगना की याचिका में कोई ठोस कारण नहीं जिसकी वजह से उनके मामले को एक अदालत से दूसरी अदालत में स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है। अगर झूठे आरोप के आधार पर मामले को स्थानांतरित किया जाता है, तो यह पीठासीन अधिकारी के मनोबल को प्रभावित करेगा। गौरतलब है कि जावेद अख्तक ने पिछले साल नवंबर में अंधेरी की अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें दावा किया गया था कि कंगना रनौत ने एक टेलीविजन साक्षात्कार में उनके खिलाफ मानहानिकारक बयान दिए थे। जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा था।