अभिनेता शाहरुख खान अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'डंकी' को लेकर हर तरफ सुर्खियां बटोर रहे हैं। इस फिल्म में उनके अभिनय की दर्शक खूब सराहना कर रहे हैं। अपने 30 वर्षों के लंबे सफर में अभिनेता ने रोमांटिक और खलनायक की भूमिका निभाई हैं। हालांकि, शाहरुख अपने विलेन के किरदारों पर बात करने से काफी हद तक दूर रहे हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम में, शाहरुख ने फिल्मों में नकारात्मक किरदारों को प्रमुखता से दिखाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनके इस बयान से लग रहा है कि वे निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा की विवादास्पद ब्लॉकबस्टर 'एनिमल' पर कटाक्ष कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने फिल्म 'एनिमल' का नाम नहीं लिया है।
बुराई को नहीं देना चाहिए बढ़ावा
शाहरुख ने कहा, 'मैं एक आशावादी व्यक्ति हूं। मैं उन फिल्मों में ही काम करना पसंद करता हूं, जिनके नायक अच्छे काम करते हैं, वे दर्शकों को एक आशा और खुशी देते हैं। हालांकि, मैंने कई फिल्मों में खलनायक की भूमिका भी निभाई है, लेकिन मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि उसे बहुत कष्ट सहना पड़े, वह कुत्ते की मौत मरे, क्योंकि मेरा मानना है कि अच्छाई से अच्छाई ही जन्म लेती है। मेरा मानना है कि बुराई को बढ़ावा नहीं देना चाहिए।'
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पहले भी हुई आलोचना
अभिनेता ने आगे कहा, 'मुझे ईमानदार भूमिकाएं निभानी चाहिए, जो लोगों को सपने देखने का साहस दें। कड़ी मेहनत से चुपचाप दर्शकों का मनोरंजन करते रहना चाहिए।' यह पहली बार नहीं है, जब फिल्म एनिमल का बिना नाम लिए हिंसा के महिमामंडन की ओर इशारा किया है। शाहरुख से पहले भी इंडस्ट्री के कई दिग्गज सितारे रणबीर कपूर अभिनीत फिल्म की आलोचना कर चुके हैं।
जावेद अख्तर ने बताया था खतरनाक
हाल ही में, जावेद अख्तर ने 9वें अजंता-एलोरा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी फिल्म की आलोचना की, जहां उन्होंने कहा, 'अगर कोई ऐसी फिल्म है जिसमें एक आदमी एक महिला को अपने जूते चाटने के लिए कहता है या अगर कोई पुरुष कहता है कि एक महिला को थप्पड़ मारना ठीक है और फिल्म सुपरहिट है, यह खतरनाक है।' संदीप रेड्डी वांगा निर्देशित फिल्म ने दुनिया भर में 900 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। रिलीज के बाद से ही वह अपनी फिल्म का बचाव कर रहे हैं।
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