रविंद्र पीपट की पहली फिल्म लावा थी। यह साल 1985 में आई थी। इसमें राज बब्बर के साथ डिंपल कपाड़िया, आशा पारेख और राजीव कपूर समेत कई अन्य सितारे मौजूद थे।
मनोरंंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। निर्देशक रविंद्र पीपट अब इस दुनिया में नहीं रहे। वह कैंसर से पीड़ित थे। जानकारी के अनुसार सोमवार को उन्हें दिल का दौरा पड़ा था, जिसकी बाद उनका निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार ओशिवारा श्मशान घाट पर किया जाएगा। निर्देशक की बारहवीं उनके पैतृक स्थान खन्ना (पंजाब) में होगी। अपने करियर में उन्होंने कई फिल्मों का निर्देशन किया। उन्हें काश आप हमारे होते, लावा, कैद में है बुलबुल और घर आया परदेसी जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है।
इसके बाद उनकी दूसरी फिल्म साल 1988 में वारिस रिलीज हुई। फिल्म में स्मिता पाटिल के साथ राज बब्बर, अमृता सिंह, राज किरण जैसे सितारे भी नजर आए। यह फिल्म लोगों को काफी पसंद आई थी। आईएमडीबी पर फिल्म को 6.8 रेटिंग मिली है। इसके बाद साल 1989 में उनकी फिल्म लाल दुपट्टा मलमल का, 1992 में कैद में है बुलबुल, 1993 में घर आया परदेसी, 1994 में आओ प्यार करें और कचहरी जैसी फिल्में रिलीज हुईं। Leo: 'लियो' की रिलीज से पहले लोकेश कनगराज ने दर्शकों से की खास अपील, बोले- शुरुआती 10 मिनट बिल्कुल न छोड़ें
फिल्मों के अलावा वह टीवी सीरीज वंश का निर्देशन भी कर चुके हैं, जो साल 1995 में प्रसारित हुआ था। इसके अलावा उन्होंने काश आप हमारे होते, अपनी बोली अपना देश जैसी फिल्में बनाईं। रविंद्र पंजाबी इंडस्ट्री में सक्रीय थे। पता नहीं रब्ब केहदेंयां रंगां च राजी, वेलकम टू पंजाब और पंजाब बोलदा जैसी पंजाबी फिल्मों का निर्देशन भी उन्होंने ही किया है। Rohan Mehra: रोहन को नहीं मिला स्टार किड होने का फायदा, बोले, बढ़िया बोहनी के बावजूद लगातार चलता रहा संघर्ष