एकता कपूर खास तरह की एडल्ट फिल्मों पर पैसा लगाने में अधिक उत्साह दिखाती हैं। जब सेंसर उन पर कैंची चलाता है तो वह तिलमिला कर रह जाती हैं। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब एकता खुद एडिटिंग टेबल पर बैठकर अपनी फिल्म पर कैंची चला रही हैं।
असल में इस साल दो सेक्स कॉमेडी फिल्में फ्लॉप रही हैं। तीसरी आने को तैयार है। सेंसर बोर्ड से नकारे जाने के बाद निर्माता एकता कपूर ने मस्ती-3 पर खुद कैंची चलाई और फिर ट्रिब्यूनल (सेंसर बोर्ड की सबसे बड़ी ईकाई, जिसमें एक जज बैठता है) से रिलीज की अनुमति पाई। ट्रिब्यूनल ने कहा है कि यह फिल्म पिछली दो फिल्मों के मुकाबले कम अश्लील है।
जब फिल्मों में सेक्स कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता परोसी जा रही है तो यह तुलना स्वाभाविक होगी कि कौन सी फिल्म ज्यादा अश्लील है और कौन सी कम। यही वजह है कि फिल्म ट्रिब्यूनल ने निर्देशक इंद्रकुमार की मस्ती सीरीज की तीसरी फिल्म को ए (केवल वयस्कों के लिए) प्रमाणपत्र के साथ हरी झंडी देते हुए कहा है कि यह फिल्म बीते महीनों में आई क्या कूल हैं हम-3 और मस्तीजादे के मुकाबले कहीं कम अश्लील है।
कुछ समय पहले सेंसर बोर्ड ने मस्ती-3 को प्रमाणपत्र देने से इंकार कर दिया था। सेंसर सूत्रों ने कहा था कि फिल्म में इतनी अश्लीलता है कि हम इसे रिलीज करने योग्य नहीं मानते। इन दिनों चलन बन गया है कि जो फिल्में सेक्स विषयक अश्लीलता की वजह से सेंसर बोर्ड पास नहीं करता या उसमें काट-छांट करता है, वे ट्रिब्यूनल से पास करा ली जाती हैं।
इस चलन के बाद यह सवाल भी उठना स्वाभाविक है कि क्या ट्रिब्यूनल फिल्मों को सेंसर बोर्ड से ज्यादा सही ढंग से समझता है? सूत्रों के अनुसार ट्रिब्यूनल ने मस्ती-3 को पास करते हुए उसमें 22 कट लगाए हैं! प्रमाणपत्र मिलने के बाद निर्माता ने राहत की सांस ली क्योंकि यह स्थिति फिल्म के रिलीज ही न होने से कहीं बेहतर है। ट्रिब्यूनल से जुड़े सूत्रों की मानें फिल्म में जो कट लगाए हैं उनमें कई संवाद तो ऐसे हैं कि न प्रिंट मीडिया में छापे जा सकते हैं और न इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में दिखाए जा सकते हैं।
मस्तीजादे के खराब परफॉरमेंस के बाद वह घबरा गईं एकता
सेंसर बोर्ड द्वारा प्रमाणित करने से इंकार के बाद, अब तीन हफ्ते पहले निर्माता एकता कपूर ने यह फिल्म ट्रिब्यूनल को भेजी थी। उल्लेखनीय है कि जब सेंसर बोर्ड की एक्जामिनिंग कमेटी ने फिल्म को खारिज कर दिया था तो निर्माता ने इसे रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजने के बजाय सीधे ट्रिब्यूनल में अपील का निर्णय किया।
सूत्रों के अनुसार रोचक बात यह है कि सेंसर से खारिज होने के बाद निर्माता और उनकी टीम को समझ आ गया था कि ट्रिब्यूनल भी फिल्म को मूल स्वरूप में पास नहीं करेगा। नतीजा यह कि एकता खुद एडिटिंग टेबल पर बैठीं और कई ऐसे सीन तथा संवाद काट दिए जो बेहद अश्लील थे।
खुद सेंसर करने के बाद एकता ने फिल्म ट्रिब्यूनल को भेजी। तभी यह पास हो सकी। निर्माता फिलहाल इस बात के लिए अपनी पीठ ठोक सकते हैं कि ट्रिब्यूनल ने मस्ती-3 को क्या कूल हैं हम-3 और मस्तीजादे से कम अश्लील माना। वैसे क्या कूल हैं हम सीरीज की निर्माता एकता ही हैं।
एकता क्या कूल हैं हम-3 के तुरंत बाद मस्ती-3 को रिलीज करना चाहती थीं। परंतु इसके और मस्तीजादे के खराब परफॉरमेंस के बाद वह घबरा गईं और उन्होंने रिलीज को रोक लिया। ट्रिब्यूनल से हरी झंडी मिलने के बाद जल्द ही वह नई रिलीज डेट घोषित करेंगी।
हाल के दिनों में गंगाजल और लव गेम्स जैसी फिल्में भी सेंसर से नाराज होकर ट्रिब्यूनल में गई थीं, जहां उन्हें सेंसर प्रमाणपत्र मिले। गंगाजल में जहां ट्रिब्यूनल ने दो हल्के कट लगाए थे वहीं लव गेम्स से केवल कुछ शब्दों को हटा दिया गया था। मस्ती-3 में विवेक ओबेराय, रितेश देशमुख, आफताब शिवदासानी, उर्वशी रौतेला मुख्य भूमिकाओं में हैं। यहां मौका है कि हम एकता कपूर की उन फिल्मों का जिक्र कर लें, जिन पर सेंसर बोर्ड ने जमकर कैंची चलाई।
क्या कूल हैं हम 3 पर चली थीं 34 कैंचियां
एकता कपूर की जिस फिल्म पर सेंसर बोर्ड ने सबसे ज्यादा कैंची चलाई है, वो है इसी साल के शुरुआत में आई 'क्या कूल हैं हम 3'। सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को ए श्रेणी का सर्टिफिकेट (केवल वयस्कों के लिए बनी फिल्म) देने के लिए भी पूरे 34 कांट-छांट किए थे। यूं तो सेंसर बोर्ड प्रमुख पहलाज निहलानी ने इस फिल्म के लिए 150 कट प्रस्तावित किए थे।
आपकी सुविधा के लिए सेंसर की ओर जारी की गई कटिंग सूची हम यहां संलग्न कर रहे हैं। यहां देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं किसी फिल्म से दृश्यों को हटाने के लिए सेंसर किस तरह से निर्देश देता है।
इससे पहले पोर्न की दुनिया से बॉलीवुड में आई अभिनेत्री सनी लियोनी के साथ मिलकर एकता कपूर ने बेहद बोल्ड फिल्म बना दी थी। तब सेंसर ने उनके तीन दृश्यों को एकदम हटा दिया था। रागिनी एमएमएस नाम की एकता की इस फिल्म के एक सीन में सेंसर बोर्ड को इस बात पर आपत्ति थी कि सनी लियोनी अपने हाथ से कपड़े खोलकर क्लीवेज दिखा रही हैं।
इससे पहले विद्या बालन स्टारर एकता कपूर की फिल्म 'द डर्टी पिक्चर' फिल्म रिलीज के पहले उसके कई दृश्यों को काटने पर अड़ गया। एकता के खूब मेहनत करने के बाद भी फिल्म से कई दृश्य कांटने पड़े थे। बात यही खत्म नहीं हुई थी, एकता की इस फिल्म के कुछ दृश्य को तो सेंसर बोर्ड ने तब भी कटे जब यह छोटे पर्दे पर रिलीज हुई।
यूं तो सेंसर बोर्ड की सबसे ज्यादा चर्चा जिस फिल्म पर कैंची चलाने के लिए हुई थी, वह है इस साल आई चर्चित हॉलीवुड फिल्म जेम्स बॉन्ड की 'स्पेक्टर'। इस फिल्म पर कैंची के लिए सेंसर बोर्ड की सोशल मीडिया में खूब आलोचना हुई। लेकिन इससे सेंसर बोर्ड कभी नहीं खबराया। नवाजुद्दीन सिद्की फेम एक फिल्म (मिस लवली) पर निर्माता से 157 कट लगाने को कहा था। इतना ही आखिरकार रिलीज से पहले सेंसर इस फिल्म में 175 कट लगाए थे। इसी सप्ताह सेंसर ने चंद्र प्रकाश द्विवेदी की फिल्म 'मोहल्ला अस्सी' को बैन किया है।