फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जब विज्ञापनों के चलते मुसीबत में फंसे सितारे

Wed, 13 Apr 2016 11:37 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • लोगों ने धोनी से की अपील, जिस कंपनी का प्रचार किया उससे कहो घर दिलाए।
  • अमिताभ, शाहरुख, रितिक जैसे सितारों पर भी गिरी ऐसे विज्ञापन करने की गाज।
  • कई सितारों को मिली कानूनी नोटिस।
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आजकल लगभग हर फिल्मी सितारा और खिलाड़ी पैसे की चाह में कोई न कोई विज्ञापन कर रहा है। जाहिर है इससे उन्हें मोटी रकम मिलती है। लेकिन इसी कारण वे कई बार कानूनी पचड़ों में फंस जाते हैं।
विज्ञापन


भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी को हाल ही में एक रियल स्टेट कंपनी आम्रपाली ग्रुप का विज्ञापन करने के लिए मुसीबतों का सामना करना पड़ा। कंपनी की इमारत सफायर कॉमप्लेक्स में रहने वाले लोग कंपनी के खिलाफ वादे पूरे न करने के कारण प्रोटेस्ट कर रहे हैं।

इसी में लोगों ने कंपनी का विज्ञापन करने वाले धोनी से ही कह डाला कि अब वे ही उन्हें घर दिलाएं। हालांकि धोनी ने कहा है कि वे मालिक से बात करेंगे। लेकिन ऐसा पहले भी होता रहा है कि सितारे किसी विज्ञापन को करने के बाद उससे जुड़े किसी मामले में फंसे हों।
विज्ञापन

शाहरुख वाली फेयरनेस क्रीम पर लड़के ने ठोका था केस

मर्दों की फेयरनेस क्रीम बनाने वाली कंपनी इमामी फेयर एंड हैंडसम पर दिल्ली के एक लड़के ने केस ठोक दिया था। इस उत्पाद का विज्ञापन शाहरुख खान करते हैं। दिल्ली के लड़के निखिल जेन का कहना था कि उसने शाहरुख का एड देख कर ही अक्टूबर 2012 में ये क्रीम खरीदी थी जो ये दावा करती है कि तीन हफ्तों तक इस्तेमाल करने से रंगत निखर जाएगी।

जाहिर है ऐसा हुआ नहीं और निखिल को बहुत मानसिक दुख पहुंचा। निखिल ने डिस्ट्रिक्ट कनज्यूमर फोरम में शिकायत भी दर्ज कराई। निखिल और उसके भाई ने 2.5 साल तक केस लड़ा औऱ जीता भी। इस कारण इमामी कंपनी पर 15 लाख रुपए का जुर्माना भी ठोंका गया। कंपनी को ऐसे विज्ञापन दिखाने से भी रोक दिया गया।

मैगी के मामले में घिरे थे तीन सितारे

पिछले साल मैगी को लेकर जितना बवाल हुआ उसमें माधुरी दीक्षित, अमिताभ बच्चन और प्रीति जिंटा भी फंसी। मैगी में लेड की भारी मात्रा पाए जाने के कारण इसे देश भर में लंबे वक्त के लिए बैन कर दिया गया था।

इसी कारण तीनो सितारों के खिलाफ इस उत्पाद का विज्ञापन करने पर पीआईएल दाखिल की गई थी। बिग बी और प्रीति ने अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब भी दिया। बिग बी ने कानून प्रक्रिया में पूरा सहयोग देने का वादा किया था और प्रीति ने ट्विटर के जरिए अपनी बात रखी थी। जबकि माधुरी चुप्पी साधी रहीं थीं।

जब पूरा नहीं हुआ था रितिक से मिलाने का वादा

पंचकुला हरियाणा की रहने वाली शिखा मोंगा ने भी कोका कोला कंपनी पर धोखाधड़ी का केस ठोका था। शिखा ने बताया था कि 2000 में जब वे 19 साल की थीं जब उन्होंने कोका कोला की एक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था जिसमें प्राइज था कि जीतने वाले को रितिक रोशन के साथ डिनर डेट पर भेजा जाएगा। उस वक्त रितिक की पहली फिल्म कहो न प्यार है आई थी। लेकिन वो डेट आज तक नहीं हुई।

34 साल की हो चुकी शिखा ने चंडीगढ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से इंसाफ की गुहार लगाई थी कि कंपनी को उसे 2.5 करोड़ रुपए देने चाहिए। शिखा ने उस कॉन्टेस्ट के लिए अपनी सारी पॉकेट मनी खर्च कर दी थी और खूब सारी कोका कोला की बोतलें खरीदी थीं। इसी कारण वे जीती भी थीं लेकिन रितिक के साथ डेट न हो पाने पर सबने उनका मजाक उड़ाया था और उन्हें झूठा समझा था।

रंगभेद को बढ़ावा देने पर घिरी थीं ऐश

आभूषण बनाने वाली कंपनी कल्याण ज्वैलर के एक विज्ञापन पोस्टर के कारण ऐश्वर्या भी मुसीबत में घिरी थीं। पोस्टर में ऐश महारानी की तरह सी बैठी दिख रही थीं और उनके पीछे, उनके सिर को ढंके, कुपोषण का शिकार एक बच्चा छाता पकड़े दिख रहा था। ये विज्ञापन अंग्रेजों के जमाने और रंग भेद को दिखाता था।

गरीब भारतीयों का मजाक उड़ाते इस विज्ञापन से जुड़े होने के कारण ऐश की भी कड़ी निंदा हुई थी और तुरंत इस पोस्टर को हटा दिया गया था।

स्कूल की एक लड़की ने बदल दी थी अमिताभ की सोच

अमिताभ पहले भी ऐसे विवाद मे फंस चुके हैं। एक वक्त पर वे पेप्सी कंपनी से जुड़े हुए थे लेकिन जयपुर की एक स्कूल लड़की ने अमिताभ का फैसला बदल दिया। लड़की ने बड़ी मासूमियत से उनसे पूछा था कि वे ऐसी चीज का विज्ञापन क्यों करते हैं जिसे उसके परिवार वाले और टीचर 'जहर' बताते हैं।

अमिताभ को बात ऐसी दिल पर लगी कि उन्होंने तुरंत खुद को इस कैंपेन से अलग कर लिया। हालांकि इसके लिए भी उनकी बुराई हुई कि अनिताभ ने पैसे तो ले लिए लेकिन फिर पीछे हट गए।

धोखा देने पर जेनीलिया को मिला था कानूनी नोटिस

धोनी की तरह ही जेनीलिया डिसूजा भी एक रियल स्टेट कंपनी का विज्ञापन कर के फंसी थीं। अंजनीपुत्र इन्फ्रास्ट्रक्टर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर हैदराबाद में घोटाला करने का आरोप था। चूंकि उस कंपनी की ब्रैंड एंबेजडर जेनीलिया थीं इसलिए उन पर भी खरीददारों को बहलाने-फुसलाने के आरोप में कानूनी नोटिस जारी हुआ था।

जेनीलिया को इसी मामले में अपनी सफाई देने के लिए कई सवालों के जवाब देने पड़े थे।

आधी रात किस तेल का प्रचार करते थे गोविंदा?

देर रात टीवी पर संधी सुधा प्लस तेल का प्रचार करने के आरोप में गोविंदा पर कानूनी नोटिस जारी हुआ था। हालांकि गोविंदा ने ये कह कर पल्ला झाड़ा था कि वे तो सिर्फ अपना काम कर रहे ते। उन्हें नहीं पता था कि ये तेल असल में किस चीज का है। गोविंदा की तरह दूसरे सितारों को भी उत्पाद का प्रचार करने के लिए बुलाया गया था लेकिन सिर्फ गोविंदा ही इस पचड़े में फंसे। 
विज्ञापन

बच्चों को गंदी आदत सिखा रहे थे बिग बी!

अमिताभ बच्चन को कच्चा मैंगो बाइट टॉफी का विज्ञापन करने पर भी भारतीय माता-पिताओं ने बुरा-भला सुनाया था। विज्ञापन में दिखाया गया था कि कैसे वो पेड़ पर पत्थर मार कर आम तोड़ते हैं।

कई अभिभावकों का कहना था कि ये उनके बच्चों में गंदी आदत डाल सकता है। उन्हें पेड़ से तोड़ कर नहीं बल्कि खरीद कर आम खाना चाहिए। वरना इससे बच्चों को चोट लग सकती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें