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हुगली में BJP-TMC में टक्कर: कभी साथ में आचार बांटकर खाती थीं दोनों पार्टी की उम्मीदवार, अब आमने-सामने

Mon, 01 Apr 2024 07:40 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

भाजपा की फायरब्रांड प्रत्याशी और हुगली सांसद लॉकेट चटर्जी के सामने इस बार चुनौती कड़ी है। तृणमूल कांग्रेस की रचना बनर्जी सालों से उनकी सहेली हैं, मगर अब चुनावी समर में प्रतिद्वंद्वी हैं। रचना बताती हैं कि लॉकेट के साथ मनोरंजन जगत में उनकी केमेस्ट्री काफी बेहतर रही है।
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BJP vs TMC - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की हुगली सीट पर इस बार लड़ाई ग्लैमर की है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह सीट जीतने के लिए भाजपा की ग्लैमर बाला लॉकेट चटर्जी को चुनौती देने के लिए बांग्ला टीवी जगत की दीदी नंबर-1 रचना बनर्जी को मैदान में उतारा है। लॉकेट भी अभिनय से राजनीति में आईं और 2019 में तृणमूल कांग्रेस से यह सीट जीतकर भाजपा का परचम लहराया। बड़ा सवाल है कि रचना जिन लॉकेट को बड़ी बहन कहती हैं, उनके राजनीतिक अनुभव को अपनी पहली ही पारी में कैसे पटखनी देंगी।

हाल में रचना के शो पर ममता गई थीं। उन्होंने लॉकेट के जादू को फीका करने और हुगली सीट वापस झटकने के लिए ग्लैमर का तड़का लगाने का दांव चला है। ममता के भरोसा जताने के बाद ही रचना मनोरंजन की दुनिया में लंबी पारी खेलने के बाद सियासी गलियारे में कदम रखा है।

49 साल की रचना बनर्जी मिस कलकत्ता भी रह चुकी हैं। इसके अलावा, वह बांग्ला फिल्म जगत का जाना पहचाना नाम हैं। हालांकि वह पिछले कई वर्षों से बड़े पर्दे से दूर हैं। लेकिन, टीवी शो दीदी नंबर वन के कारण टीआरपी के शिखर पर राज करती हैं और पूरा बंगाल उन्हें दीदी नंबर-1 के नाम से पहचानता है।

लॉकेट चटर्जी...भाजपा की फायरब्रांड सांसद, सियामी मैदान में ग्लैमर की लड़ाई

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भाजपा की फायरब्रांड प्रत्याशी और हुगली सांसद लॉकेट चटर्जी के सामने इस बार चुनौती कड़ी है। तृणमूल कांग्रेस की रचना बनर्जी सालों से उनकी सहेली हैं, मगर अब चुनावी समर में प्रतिद्वंद्वी हैं। रचना बताती हैं कि लॉकेट के साथ मनोरंजन जगत में उनकी केमेस्ट्री काफी बेहतर रही है। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम भी किया है। सेट पर आपस में अचार बांटकर खाया है। मगर अब सियासी गलियारे में दोनों आमने-सामने हैं, तो विचारों में टकराव होना लाजमी है। रचना भले ही यह कहती हैं कि लॉकेट के लिए उनके मन में अब भी वही प्यार है। वह उन्हें दुश्मन की तरह नहीं देखती, लेकिन चुनावी समर में प्रतिद्वंद्वी से प्रेम एक कोरी परिकल्पना है।

ममता ही लाईं, उन्हीं से छीनी हुगली
लॉकेट फिल्म जगत में तो जानी मानी हस्ती थी हीं, बंगाल की राजनीति में भी उनका जबरदस्त जलवा है। 2014 में ममता बनर्जी ही उन्हें सियासत में लेकर आईं और थोड़े समय बाद कुछ नाराजगी के चलते लॉकेट ने भाजपा का दामन थाम लिया। इसके बाद, ममता की पार्टी से हुगली की सीट भी छीन ली। 2019 के चुनाव में लॉकेट ने तृणमूल की डॉ. रत्ना डे को 73,362 वोटों से हराया था। डॉ. रत्ना 2009 व 2014 में हुगली से सांसद थीं।

 

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