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Lok Sabha Election 2024: भाजपा की पांचवीं सूची में क्या खास? वरुण गांधी से लेकर 'राम' तक कई चौंकाने वाले एलान

सार

भाजपा की पांचवीं लिस्ट में सबसे चौंकाने वाले नामों में नवीन जिंदल का नाम भी शामिल है, जिन्हें भाजपा ज्वाइन करने के चंद मिनटों के बाद ही हरियाणा के कुरुक्षेत्र से भाजपा का उम्मीदवार बना दिया गया।
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jp nadda, narendra modi, amit shah - फोटो : PTI
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विस्तार
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भाजपा ने 111 उम्मीदवारों की पांचवीं सूची जारी कर दी है। पांचवीं सूची में सबसे सनसनीखेज निर्णय फायर ब्रांड नेता वरुण गांधी की पीलीभीत सीट से पूर्व कांग्रेसी नेता जतिन प्रसाद कौ मौका दिए जाने का है। मेरण से रामायण सीरियल में राम का चरित्र निभाने वाले अरुण गोविल को मैदान में उतारा गया है। कलकत्ता हाईकोर्ट से इस्तीफा देने वाले जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय को पार्टी ने तामलुक से और अग्निमित्र पॉल को मेदिनीपुर से उम्मीदवार बनाया है। 

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आज ही उम्मीदवारी छोड़ने का एलान करने वाले गाजियाबाद से जनरल वीके सिंह की जगह अतुल गर्ग को अवसर दिया गया है। सु्ल्तानपुर से मेनका गांधी का टिकट बरकरार रखकर पार्टी ने उनके लंबे समय से पार्टी में साथ बने रहने का ईनाम दिया है। कानपुर से रमेश अवस्थी चौंकाने वाले नाम की तरह देखे जा रहे हैं, जबकि बाराबंंकी से पार्टी ने नया उम्मीदवार उतारते हुए राजरानी रावत को मैदान में उतारा है।     

चंद मिनटों में पाया टिकट
भाजपा की पांचवीं लिस्ट में सबसे चौंकाने वाले नामों में नवीन जिंदल का नाम भी शामिल है, जिन्हें भाजपा ज्वाइन करने के चंद मिनटों के बाद ही हरियाणा के कुरुक्षेत्र से भाजपा का उम्मीदवार बना दिया गया। पांचवीं सूची में हरियाणा से तीन अन्य उम्मीदवार हिसार से रणजीत चौटाला, सोनीपत से मोहनलाल बडोली और रोहतक से अरविंद कुमार शर्मा का है। अभिनेत्री कंगना रानौत को हिमाचल प्रदेश के मंडी से और राजीव भारद्वाज को कांगड़ा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। 
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भाभी बनेगी देवर की काट
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन को दुमका सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। उन्होंने लगभग सप्ताह भर पहले ही भाजपा का दामन थामा था। इसे भाजपा की बड़ी सफल चाल के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि सीता सोरेन अपने देवर हेमंत सोरेन की सरकार पर खनन मामले में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाती रही हैं। इससे भाजपा की झारखंड में लड़ाई मजबूत हो सकती है। इसके अलावा चतरा से कालीचरण सिंह और धनबाद से ढुलू महतो को उम्मीदवार बनाया गया है। 

कर्नाटक में गलती सुधारी
भाजपा ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान की गई अपनी गलती को सुधारते हुए जगदीश शेट्टार को बेलगाम से प्रत्याशी बना दिया है। पिछले चुनाव में उनके बगावती रुख के कारण भाजपा को काफी नुकसान उठाना पड़ा था। पश्चिम बंगाल से पार्टी ने 19 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है जिसमें बर्धमान-दुर्गापुर से दिलीप घोष का नाम भी शामिल है। 
  
भाजपा ने आंध्र प्रदेश से छह लोकसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा की है। इसमें सबसे बड़ा नाम डी. पुरंदेश्वरी का है जिन्हें राजमुंदरी सीट से मैदान में उतारा गया है। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पिछले वर्ष ही भाजपा में शामिल होने वाले एन. किरण कुमार रेड्डी को राजमपेट से मैदान में उतारा गया है।    

खतरे में रहने वालों को भी मिला टिकट
बिहार में अपने हिस्से में आने वाली 17 लोकसभा सीटों के लिए भाजपा ने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। इसमें पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को पटना साहिब से, राजीव प्रताप रूडी को सारण से, मधुबनी से अशोक कुमार यादव, दरभंगा से गोपाल जी ठाकुर, औरंगाबाद से सुशील कुमार सिंह और नवादा से विवेक ठाकुर को उम्मीदवार बनाया गया है।     

राधामोहन सिंह को पूर्वी चंपारण से, रामकृपाल यादव को पाटलिपुत्र से और फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह को बेगूसराय से प्रत्याशी घोषित कर दिया गया है। मधुबनी से अशोक कुमार यादव, दरभंगा से गोपाल जी ठाकुर, औरंगाबाद से सुशील कुमार सिंह और नवादा से विवेक ठाकुर को उम्मीदवार बनाया गया है।     

गुजरात से भी छह उम्मीदवारों का नाम
नई लिस्ट में गुजरात से भी छह उम्मीदवारों का नाम घोषित किया गया है। इसमें साबरकांठा से शोभनाबेन, जूनागढ़ से राजेशभाई चूड़ास्मा और वडोदरा से हेमंग योगेशचंद्र जोशी का है। इसके अलावा मेहसाणा से हरिभाई पटेल, सुरेंद्र नगर से चंदूभाई शिहोरा और अमरेली से भरतभाई सुतारिया को उम्मीदवार बनाया गया है।  

केरल में पार्टी ने चार उम्मीदवारों की घोषणा की
केरल में पार्टी ने चार उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इसमें एर्नाकुलम से केएस राधाकृष्णन का नाम भी शामिल है। दक्षिण गोवा से पीएस डेम्पो को मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा महाराष्ट्र से तीन, मिजोरम से एक उम्मीदवार का नाम घोषित किया गया है। 

ओडीशा से सभी 21 सीटों के उम्मीदवार घोषित
नवीन पटनायक से प्रदेश में कोई समझौता न हो पाने के बाद भाजपा ने ओडिशा की सभी 21 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को ओडिशा के संबलपुर से उम्मीदवार बनाया गया है। जुएल ओराम को सुंदरगढ़ से मैदान में उतारा गया है। मयूरभंज से नाबा चरण माझी, बालासोर से प्रतापचंद्र सारंगी और केंद्रपाड़ा से बैजयंत जय पांडा को उम्मीदवार बनाया गया है। 

भाजपा और नवीन पटनायक के बीच टिकट बंटवारे में सबसे बड़ी उलझन बनकर उभरी पुरी लोकसभा सीट से भाजपा ने अपने स्टार प्रवक्ता संबित पात्रा को मैदान में उतारा है। पिछले चुनाव में वे कुछ ही वोटों से चुनाव हार गए थे। भुवनेश्वर से अपराजिता सारंगी को उम्मीदवार बनाया गया है। 

राजस्थान की सात सीटों की भी घोषणा
राजस्थान की सात सीटों की भी घोषणा की गई है। इसमें जयपुर से मंजू शर्मा और टोंक-सवाई माधोपुर सीट से सुखबीर सिंह जौनपुरिया को टिकट दिया गया है। इसके अलावा सिक्किम से एक और तेलंगाना से दो सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा भी की गई है।         

रविशंकर प्रसाद, राजीव प्रताप रूडी का टिकट बचा
बिहार में अपने हिस्से में आने वाली 17 लोकसभा सीटों के लिए भाजपा ने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। इसमें सबसे चर्चित नाम पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का है। उन्हें पटना साहिब लोकसभा सीट से दोबारा मैदान में उतारा गया है। रविशंकर प्रसाद की तरह ही पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी भी भाजपा की लिस्ट में चौंकाने वाले नाम की तरह देखे जा रहे हैं। राधामोहन सिंह पूर्वी चंपारण से, पाटलिपुत्र से रामकृपाल यादव और बेगूसराय से फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह भी अपना-अपना टिकट बचाने में सफल रहे हैं। मधुबनी से अशोक कुमार यादव, दरभंगा से गोपाल जी ठाकुर, औरंगाबाद से सुशील कुमार सिंह और नवादा से विवेक ठाकुर को उम्मीदवार बनाया गया है।     

शाहनवाज हुसैन का क्या होगा?
पार्टी की लिस्ट में पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन का नाम न होना भी बहुत महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा के अंदरखाने चर्चा है कि पार्टी उन्हें बिहार में ही अल्पसंख्यक नेता के तौर पर उभारना चाहती है। लेकिन पिछले दिनों हुए नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल विस्तार में भी उन्हें जगह न दिए जाने के बाद अब लोकसभा उम्मीदवारों की सूची में भी उन्हें नजरअंदाज किया गया है। चर्चा है कि अब उन्हें पार्टी संगठन में लाकर कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
 
चुनाव न लड़ने की घोषणा की 
रविवार को ही गाजियाबाद से भाजपा सांसद जनरल वीके सिंह (रिटायर्ड) ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। बाद में उनका टिकट काट दिया गया। इसी तरह कानपुर के सांसद सत्यदेव पचौरी ने भी उम्मीदवारी छोड़ने की घोषणा की थी। बाद में उनकी जगह रमेश अवस्थी को उम्मीदवार बनाया गया। 

इसके पहले गायक पवन सिंह ने आसनसोल से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। एक घोषित प्रत्याशी ने विवादित वीडियो सामने आने के बाद चुनाव लड़ने से मना कर दिया। गुजरात से भी दो उम्मीदवारों ने चुनाव में उतरने से इनकार कर दिया। सबने चुनाव न लड़ने के पीछे अपने अलग-अलग कारण बताए हैं।

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