यूपीईएस के वाइस-चांसलर डॉ. सुनील राय ने कहा, “खासकर इस अभूतपूर्व समय में और वह भी बिना किसी देरी के प्लेसमेंट्स के ऐसे प्रभावशाली आंकड़े अर्जित करना स्टूडेंट्स और उनके सफल भविष्य के लिये हमारी प्रतिबद्धता का सच्चा प्रमाण है। प्लेसमेंट के आंकड़े तो खुद को बयां कर ही रहे हैं, लेकिन स्टूडेंट्स को कॅरियर के ऐसे मौके देने पर जोर दिया गया है, जो उनके मुख्य प्रोफाइल्स के करीब हों, ताकि उनकी प्रोडक्टिविटी, लर्निंग और काम करने का मजा बढ़े।‘’
उन्होंने आगे कहा, “यूपीईएस केयर्स’ पहल के अंतर्गत, हमने इस साल प्लेसमेंट में उन स्टूडेंट्स को भी सहयोग दिया, जो अपने एकेडमिक ग्रेड्स, क्षमता और प्रयासों की संख्या के कारण योग्यता मानदंड पर खरे नहीं थे। ऐसे स्टूडेंट्स के साथ हमारी कॅरियर सर्विसेज टीम ने ज्यादा मेहनत की, ताकि वे उपलब्ध अवसरों को पा सकें।”
स्टूडेंट्स को उद्योग के लिये तैयार करना
दुनियाभर की संस्थाओं ने ‘न्यू नॉर्मल’ के अनुकूल बनने के लिये अपना पुनर्मूल्यांकन किया है और इसका उनकी नियुक्ति प्रक्रियाओं और उनके द्वारा वांछित कुशलता समूहों पर सीधा प्रभाव हुआ है। यूपीईएस में हुई कैम्पस भर्ती दिखाती है कि इंडिया इंक. को कई कुशलताओं वाले पेशेवर चाहिये, जिन्हें अलग-अलग डोमैन का ज्ञान हो, जो तकनीक के जानकार, अनुकूलता के योग्य और दक्ष हों। इन आवश्यकताओं पर खरा उतरने के लिये, यूपीईएस डोमैन के ज्ञान, तकनीकी विशेषज्ञता, व्यवहार कुशलताओं, जीवन कुशलताओं और उपयुक्तता पर कैम्पस के प्रशिक्षकों और बाहरी विशेषज्ञों के माध्यम से समान रूप से जोर देता है।
महामारी और लॉकडाउन से मिली चुनौतियों से उभरते हुए, स्टूडेंट्स के लिये 2600 से ज्यादा इंटर्नशिप्स की व्यवस्था की गई थी। ताकि उन्हें उद्योग का रियल-टाइम अनुभव मिले और वे अपने ज्ञान तथा कुशलताओं का इस्तेमाल करें।