नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) के अगरतला कैंपस की नींव का पत्थर रखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार देश के क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को और सशक्त बनाने हेतु देशभर में एनएफएसयू कैंपस का जाल बिछा रही है। इसी क्रम में आज एनएफएसयू के अगरतला कैंपस का शिलान्यास किया है। शाह ने कहा कि यह न सिर्फ त्रिपुरा बल्कि पूरे पूर्वोत्तर की कानून व्यवस्था का कायाकल्प करेगा। शिलान्यास समारोह के दौरान शाह ने अगरतला में त्रिपुरा सरकार द्वारा शुरू की जा रही महिला सशक्तीकरण की विभिन्न योजनाओं और मुख्यमंत्री चाय श्रमिक कल्याण प्रकल्प को लॉन्च किया।
सरकारी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों में भी 50 फीसदी आरक्षण
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बिप्लब देव सरकार ने महिला सशक्तीकरण के लिए एक नई कार्य योजना घोषित की है। इसके तहत त्रिपुरा सरकार की सभी नौकरियों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को अब सरकारी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स या बाजारों में दुकानें संचालित करने के लिए भी 50 फीसदी आरक्षण मिलेगा। वहीं, महिलाओं द्वारा स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए उद्यम पूंजी निधि का 50 फीसदी हिस्सा आरक्षित किया गया है।
उच्च शैक्षणिक संस्थानों में भी 33 फीसदी आरक्षण
इसके साथ ही शाह ने घोषणा की कि त्रिपुरा के उच्च शैक्षणिक संस्थानों में भी महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलेगा। शाह ने कहा कि त्रिपुरा सरकार ने राज्य सरकार की किसी भी नौकरी या उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए सभी महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में प्रवेश लेने वाली सभी महिलाओं को ऋण लेने पर तीन फीसदी की ब्याज माफी भी मिलेगी। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा, मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब द्वारा महिला कल्याण की इस पहल से त्रिपुरा में सभी को फायदा होगा।
महिला सशक्तीकरण के लिए कटिबद्ध
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में त्रिपुरा की बिप्लब देव सरकार महिलाओं व चाय बागान श्रमिकों के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए निरंतर कटिबद्ध है। पूरे नार्थ ईस्ट में नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी का पहला कैंपस त्रिपुरा में बनना हर त्रिपुरावासी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में एनएफएसयू कैंपस का शिलान्यास होना निश्चित ही नॉर्थ ईस्ट में उग्रवाद, घुसपैठ व नारकोटिक्स जैसी समस्याओं से निपटने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।