बाद में सुनाया जाएगा विस्तृत फैसला
सीजेआई ने कहा, "इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए कोई सामग्री नहीं है कि नीट-यूजी 2024 परीक्षा का परिणाम खराब है या इसमें व्यवस्थागत उल्लंघन हुआ है।"
पीठ ने बीस लाख से अधिक छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए फैसले के ऑपरेटिव हिस्से को लिखा और कहा कि एक विस्तृत फैसला बाद में सुनाया जाएगा।
हालांकि, पीठ ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने की घटना हजारीबाग और पटना में हुई थी, इस पर कोई विवाद नहीं है। एनटीए और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय 5 मई को आयोजित परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक से लेकर नकल तक कथित बड़े पैमाने पर गड़बड़ी को लेकर छात्रों द्वारा किए गए विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक विवाद के केंद्र में रहे हैं।
राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) देश भर के सरकारी और निजी संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एनटीए द्वारा आयोजित की जाती है। 5 मई को 14 विदेशी शहरों सहित 571 शहरों के 4,750 केंद्रों पर 23.33 लाख छात्रों ने नीट-यूजी 2024 परीक्षा दी थी।