महिलाओं को लेकर हमारे समाज में एक अलग ही मत बना हुआ है। पैदा होने से लेकर उनकी पढ़ाई, लिखाई और शादी तक हर जगह कुछ न कुछ शर्त रखी जाती है। ऐसा लगता है जैसे देश को जब आजादी मिली थी तब शायद सिर्फ मर्दों को ही आजादी दी गई थी।
लेकिन वक्त बदला और महिलाओं ने भी अपने हक के लिए खड़ा होना शुरू किया और आज अपने-अपने क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। ऐसी ही एक महिला हैं, रचना यदुवंशी।
रचना वर्तमान में नोएडा में एआरटीओ के पद पर कार्यरत हैं। लेकिन रचना का बचपन इतना आसान नहीं था। बचपन में रचना यदुवंशी के पिता का देहांत हो गया था। पिता के देहांत के बाद मां ने कहा कि घर का चूल्हा- चौका सीख लो। जैसा कि सामान्यतः हमारे समाज में होता आया है।