नीट स्नातक 2021 के टॉपर तन्मय गुप्ता कहते हैं कि नीट जैसी परीक्षा में सफलता के लिए तनाव को संभालना सबसे महत्वपूर्ण है। खुद पर ज्यादा दबाब नहीं लेना होता है। परीक्षा की तैयारी के दौरान हम समय-समय पर मॉक टेस्ट देते हैं। इस दौरान हमें कई बार अच्छे अंक मिलते हैं तो कभी-कभी हमें उम्मीदों के अनुरूप अंक नहीं मिल पाते हैं। लेकिन यह सारी बातें हमारी तैयारी का हिस्सा होती है। हमें इन सब बातों को प्रभाव अपने मन और दिमाग पर नहीं पड़ने देना चाहिए।
दादा-दादी, मम्मी और पापा सब डॉक्टर हैं
मूलरूप से जम्मू निवासी तन्मय गुप्ता के दादा-दादी, मम्मी और पापा सब डॉक्टर हैं। तन्मय कहते हैं कि 10वीं क्लास में डॉक्टर बनने का सोचा और तैयारी शुरू कर दी। तन्मय इस सफलता के लिए परिवार और शिक्षकों को सारा श्रेय देते हैं। दरअसल, गणित और भौतिकी में अच्छी पकड़ के चलते सबको लगता था कि वे अच्छे इंजीनियर भी बन सकते हैं, लेकिन उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में भविष्य बनाने की सोची।
बेहद आज्ञाकारी बेटा है
तन्मय की मां कहती हैं कि वह बेहद आज्ञाकारी बेटा है। मुझे कभी यह देखने की चिंता नहीं हुई कि वह पढ़ रहा है या नहीं। नीट के चलते एक महीने के लिए उन्होंने अपने क्लीनिक से छुट्टी ले ली थी। हालांकि इससे पहले वे शिक्षकों व दोस्तों के मार्गदर्शन में अपनी पूरी तैयारी कर चुके थे।