सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वह परीक्षा के 24 घंटे के भीतर छात्रों का फीडबैक उनके पास तक पहुंचा दे। इस फीडबैक के आधार पर ही सीबीएसई के विषय विशेषज्ञ उस पेपर का विश्लेषण करेंगे।
इस विश्लेषण के आधार पर बोर्ड उस विषय की मार्किंग स्कीम तय करेगा। यानी अगर देशभर से किसी पेपर के ज्यादा मुश्किल होने का फीडबैक मिलेगा तो बोर्ड उसकी मार्किंग स्कीम थोड़ी हल्की कर देगा, ताकि छात्रों को इसका नुकसान न हो।
सीबीएसई देहरादून के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह के मुताबिक बोर्ड के परीक्षा संबंधी सभी नियमों के प्रति विद्यालयों को जागरूक कर दिया गया है। छात्रों से फीडबैक के आधार पर निश्चित तौर पर कई बड़े सुधार होंगे।
इन श्रेणी में दे सकते हैं फीडबैक
छात्र विषय का पेपर खत्म होने के बाद अपना फीडबैक अलग-अलग श्रेणियों में दे सकते हैं। मसलन, सिलेबस से बाहर के सवाल, समझ से बाहर पेपर, गलत तरीके से बनाए गए प्रश्न, गलत अनुवाद आदि श्रेणी में अपने प्रिंसिपल के पास शिकायत पहुंचाई जा सकती है। सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं पांच मार्च से शुरू होने जा रही हैं। 10वीं की परीक्षाएं चार अप्रैल और 12वीं की परीक्षाएं 12 अप्रैल को खत्म होंगी।