बालिका कैडेटों की भर्ती के लिए की गई यह तैयारियां
बता दें कि लड़कियों के पहले बैच का कैंपस में स्वागत करने के लिए पिछले एक साल से स्कूल के बुनियादी ढांचे में काफी बदलाव आया है। विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है कि उनके लिए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत तक एक नए घर और छात्रावास का निर्माण पूरा हो गया है। केरल के अलावा शैक्षणिक वर्ष 2018-19 में मिजोरम के सैनिक स्कूलों में भी बालिका कैडेटों को प्रवेश दिया गया था। यह एक सफल प्रयोग था, जिसके बाद देश के विभिन्न राज्यों ने अपने सैनिक स्कूलों में लड़कियों को प्रवेश देने की पहल की, लड़कियों के भीतर सेना में शामिल होने की भावना को बढ़ावा दिया। सशस्त्र बलों और महिला सशक्तिकरण का समर्थन किया।
लड़कियों को दिया 10 प्रतिशत आरक्षण
गौरतलब है कि इस साल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 75 वें स्वतंत्रता दिवस के भाषण में घोषणा की थी कि सभी 33 सैनिक स्कूलों में शैक्षणिक वर्ष 2021-22 में बालिका कैडेटों का प्रवेश सुनिश्चित करेंगे। वहीं बालिका कैडेटों की भर्ती सुनिश्चित करने के लिए देश के प्रत्येक सैनिक स्कूल में प्रत्येक वर्ष प्रवेश की कुल सीटों का 10 प्रतिशत लड़कियों के लिए आरक्षित किया जाएगा।