सत्र 2020-21 के लिए आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को भी कोरोना का टीका लगाने का आदेश दें। यह जनहित याचिका (पीआईएल) तीन वकीलों द्वारा दिल्ली के उच्च न्यायालय में दायर की गई है।
न्यायालय ने केंद्र और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब
शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस नोटिस में न्यायालय ने मंत्रालय व सरकार से पूछा है कि क्या 18 वर्ष से अधिक आयु वाले वर्ग को लगने वाले टीके का इस्तेमाल विद्यार्थियों के लिए भी किया जा सकता है।
इस वजह से विद्यार्थियों का टीकाकरण है जरूरी
अधिवक्ता ज्योति अग्रवाल, संजीवनी अग्रवाल और प्रदीप शेखावत ने अपनी याचिका में कहा है कि हाल ही में आ रही खबरों के अनुसार इस बार कोरोना का संक्रमण छोटी उम्र वालों काे अधिक हो रहा है। वहीं कोरोना की तीसरी लहर में छोटे बच्चों को संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा बताया जा रहा है। ऐसे में ऑफलाइन परीक्षा या बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को टीका लगना आवश्यक है।
अभी तक नहीं लिया गया उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा का फैसला
बता दें, देश में कोरोना के वर्तमान हालातों को देखते हुए सीबीएसई ने कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द और बारहवीं बोर्ड परीक्षाएं स्थगित करने का निर्णय लिया था। इसके बाद विभिन्न राज्य बोर्ड्स ने सीबीएसई की तर्ज पर दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा को क्रमश: रद्द और स्थगित करने का निर्णय लिया है। हालांकि कुछ बोर्ड जैसे उत्तर प्रदेश बोर्ड ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है।