नई शिक्षा नीति के तहत शैक्षणिक सत्र 2021-22 से देश के सभी तकनीकी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अब एनसीसी इलेक्टिव क्रेडिट कोर्स होगा।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद( एआईसीटीई) ने सभी तकनीकी कॉलेजों को एनसीसी की इलेक्टिव क्रेडिट कोर्स के रूप में पढ़ाई करवाने का निर्देश दिया है। खास बात यह है कि इसमें छात्रों को 24 क्रेडिट का लाभ भी मिलेगा।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सदस्य सचिव प्रो. राजीव कुमार की ओर से तकनीकी विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रबंधन को पत्र लिखा गया है। इसमें सभी राज्यों और विश्वविद्यालयों को नेशनल कैडेट कॉर्प्स (एनसीसी) को जनरल इलेक्टिव क्रेडिट कोर्स (जीईसीसी) के तौर पर शामिल करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
एआईसीटीई द्वारा जारी पत्र के तहत एनसीसी महानिदेशालय से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर एनसीसी के जारी किए गए सिलेबस को 24 क्रेडिट के माध्यम से कुल 6 सेमेस्टर में छात्रों को कोर्स चुनने के दौरान उपलब्ध कराया जाएगा। इस कोर्स को चुनने वाले छात्रों को सफलता पूर्वक ट्रेनिंग करने पर क्रमश: एनसीसी ‘बी’ और फिर एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।
बता दें कि एनसीसी कर चुके उम्मीदवारों को उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले के साथ-साथ रोजगार प्रोत्साहन के साथ-साथ केंद्र की और विभिन्न राज्यों की सरकारी नौकरियों में लाभ दिये जाते हैं। इन लाभ की राज्यवार सूची देखने के लिए नीचे दिए गए आधिकारिक नोटिस के लिंक पर जाएं।
एनसीसी के लिए 6 सेमेस्टर में 24 क्रेडिट:
एनईपी 2020 के सीबीसीएस के अनुसार ही एनसीसी महानिदेशालय द्वारा एनसीसी के बी और सी सर्टिफिकेट के सिलेबस को विश्वविद्यालयों में 6 सेमेस्टर में कुल 24 क्रेडिट के अनुसार डिजाइन किया गया है।
आधिकारिक अपडेट के अनुसार पहले दो सेमेस्टर में कुल 4 क्रेडिट, तीसरे और चौथे सेमेस्टर में कुल 10 क्रेडिट और पाचवें एवं छठें सेमेस्टर में भी कुल 10 क्रेडिट आवंटित किए गए हैं।
सीबीसीएस में छात्रों को दें लाभ:
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 2015 में विश्वविद्यालयों, कॉलेजों समेत सभी उच्च् शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिया था कि यदि कोई छात्र इलेक्टिव कोर्स की पढ़ाई करता है तो फिर उसे च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम( सीबीसीएस) के तहत क्रेडिट दिये जाएं।
हालांकि अभी तक तकनीकी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। इसलिए नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक और उच्चतर स्तरीय पाठ्यक्रमों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू होगा।
इसके तहत छात्र को विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित कोर्स/विषय पढ़ने की बजाय अपने पसंद के विषय/कोर्स को चुनने की छूट दी जाएगी। छात्रों को इन विषय/कोर्स को पूरा करने पर क्रेडिट जारी किया जाएगा और पूरे पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित क्रेडिट की संख्या पूरे करने पर डिग्री दी जाएगी।