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इतिहास की झलक: पटना साइंस कॉलेज परिसर में स्थापित किया जाएगा स्मृति स्तंभ, गौरवपूर्ण 94 वर्षों का होगा गवाह

Sat, 20 Nov 2021 04:16 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

इतिहास की झलक: कॉलेज के प्रिंसिपल और एल्यूमिनी डा. श्रीराम पद्मदेव ने बताया कि स्थापना दिवस पर इस बार कोई भी कार्यक्रम नहीं किया गया है, लेकिन कई अन्य बड़े काम जारी है। स्मृति स्तंभ कॉलेज के इतिहास का प्रतीक होगा।
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Patna Science College - फोटो : Social Media
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विस्तार
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पटना विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाला पटना साइंस कॉलेज अपने गौरवशाली 94 वर्ष पूरे कर चुका है। अपनी प्रयोगशाला और अकादमिक पाठ्यक्रमों के लिए कॉलेज को एक समय ख्याति प्राप्त थी। पटना साइंस कॉलेज के परिसर में जल्द ही अपने गौरवशाली इतिहास के प्रमाण के रूप में स्मृति स्तंभ की स्थापना की जाएगी। पटना साइंस कॉलेज की स्थापना 15 नवंबर सन 1928 को भारत के तत्कालिन वायसराय लॉर्ड इरविन द्वारा की गई थी।

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हर साल 15 नवंबर को कॉलेज द्वारा स्थापना दिवस मनाया जाता है। हालांकि, इस साल स्थापना दिवस पर कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया। कॉलेज के प्रिंसिपल और एल्यूमिनी डा. श्रीराम पद्मदेव ने बताया कि स्थापना दिवस पर इस बार कोई भी कार्यक्रम नहीं किया गया है, लेकिन कई अन्य बड़े काम जारी है। स्मृति स्तंभ कॉलेज के इतिहास का प्रतीक होगा। उन्होंने आगे बताया कि इस सतंभ के चार मुख होंगे, यह कॉलेज के विभिन्न विभागों को दर्शाएगा। 

सभी विभागों का होगा प्रतीक
डा. श्रीराम पद्मदेव ने बताया कि स्मृति स्तंभ को कॉलेज के प्रशासनिक ब्लॉक के पिछले हिस्से और व्यायामशाला भवन के बीच के हिस्से में स्थापित किया जाएगा।  इसके पीछे का कारण सभी विभागों को एक साथ दिखाने की कोशिश है। यह अपने आप में पहला ऐसा स्मृति स्तंभ है। कॉलेज के भौतिकी विभाग के पास में एक एयर कंडिशन वाले पुस्तकालय कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। पुराने पुस्तकलाय के किताबों को नई जगह पर लाया जाएगा। हालांकि,  यह योजनाए अपने प्रारंभिक चरण में हैं।  उन्होंने आगे बताया कि कॉलेज में कुछ सालों में शिक्षा की गुणवत्ता में कमी आई है और संस्थान ने  दुनिया भर में प्रसिद्धी के लिए माने जाने वाली चमक भी खोई है। 
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विरासत को खतरा
कॉलेज में कई इमारतों और परिसर के बीच घास आदि उग आने से परिसर के अंदर भी काफी नुकसान देखने को मिलता है। इसके अलावा बिहार सरकार द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों ने भी कॉलेज को नुकसान पहुंचाया है। हाल ही में मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने 422 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने की योजना का उद्घाटन किया है। हेरिटेज प्रेमी, विशेषज्ञ और इंडियन नेशनल ट्रस्ट फोर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज ने इससे कॉलेज की विरासत को नुकसान होने का खतरा बताया है और इसका विरोध कर रहे हैं। इससे पटना कॉलेज, पटना मेडिकल कॉलेज, साइंस कॉलेज आदि को बड़ा खतरा है।

गौरवशाली रहा है इतिहास
साइंस कॉलेज को देश और दुनिया के सबसे होनहार छात्रों के स्थान के लिए जाना जाता था। इसके छात्रों ने बड़ी ख्यातियां प्राप्त की हैं। इसकी प्रयोगशाला, मुख्यत: भौतिकी और रसायन शास्त्र के विभाग की काफी विकसित प्रणाली की हुआ करती थी। यह कॉलेज पटना विश्वविद्यालय का ही एक भाग है। साल 2017 में विश्वविद्यालय ने अपने 100 साल पूरे किए थे। इस दिवस पर समारोह का आयोजन पटना साइंस कॉलेज के मैदान में हुआ था। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया था। 

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