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- फोटो : अमर उजाला
पूरे महाराष्ट्र में सोमवार से स्कूलों की घंटियां फिर गूंजीं। कोरोना महामारी के कारण ये स्कूल पिछले डेढ़ साल से बंद थे। इतने लंबे अंतराल के बाद स्कूल खुलने पर बच्चों का फूलों से स्वागत किया गया। महामारी को देखते हुए सैनेटाइजर व कोरोना प्रोटोकॉल के पालन का भी खास ध्यान रखा गया।
राज्य के स्कूलों में कक्षा पांचवी से लेकर 12 वीं तक की कक्षाएं 18 माह बाद सोमवार से फिर भौतिक रूप से लगना शुरू हुईं। अब तक ऑनलाइन पढ़ाई चल रही थी। स्कूल पहुंचने पर बच्चों का फूलों व गुब्बारों से स्वागत किया गया। बच्चे भी स्कूल पहुंचने व अपने दोस्तों, शिक्षकों आदि से मिलकर बहुत खुश नजर आए।
स्कूलों के गेट पर प्रबंधन व संचालकों ने सभी विद्यार्थियों को परिसर में प्रवेश से पहले मास्क की जांच की और उनके हाथों को सैनिटाइज कराया। कक्षाओं में भी एक बेंच पर एक विद्यार्थी को बैठने की इजाजत दी गई।
सीएम ठाकरे ने कहा-बहुत मुश्किल फैसला था
सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि स्कूल फिर खोलने का फैसला उनके लिए बहुत मुश्किल था। उन्होंने शिक्षकों व अभिभावकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों का खयाल रखें। अब तक उन इलाकों में ही भौतिक रूप से स्कूल लग रहे थे, जहां कोविड-19 के मामले बहुत कम थे। पिछले माह राज्य की स्कूल शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड ने घोषणा की थी कि पूरे प्रदेश में चार अक्तूबर से स्कूल खोले जाएंगे। सरकार ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOPs) भी जारी की थी।
सोमवार सुबह शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड ने ट्वीट किया, 'सभी अभिभावकों व विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। हम उम्मीद करते हैं कि आप स्कूल में सुरक्षित रहते हुए आनंद लेंगे।' महाराष्ट्र सरकार के निर्णय के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में पांचवीं से 12 वीं तक और शहरी क्षेत्रों में आठवीं से 12 वीं तक की कक्षाएं भौतिक रूप से लगेंगी।