वकील, प्लीडर, अधिवक्ता, अभिभाषक, एडवोकेट, एडवोकेट जनरल, अटॉर्नी जनरल, लॉयर, लोक अभियोजक या फिर सालिसिटर जैसे नामों को आपने कई बार सुना होगा। इन सबका एक ही अर्थ होता है और वो है वकील या वह शख्स जो अदालत में काला कोट पहनकर न्यायाधीश के सामने किसी की पैरवी करता है।
वकील शब्द उर्दू का है तथा यह उस समय से प्रचलन में है, जिस समय से भारत में मुगल शासक शासन किया करते थे। दंड संहिता के नाम पर भारत में ताजिरात ए हिंदी लागू थी। बाद में ब्रिटिश शासकों द्वारा इसे भारतीय दंड संहिता का नाम दिया और नए सिरे से इसका ड्राफ्ट तैयार किया गया। वकील का अर्थ होता है किसी अन्य व्यक्ति की ओर से बोलने वाला व्यक्ति। अब भारतीय न्यायालयों में केवल अधिवक्ता,अभिभाषक और एडवोकेट शब्द से लिखित रूप में वकीलों को जाना जाता है, हालांकि वकीलों के पद को कई नामों से जाना जाता है।
हमारे देश में वकालत और नामी वकीलों का लंबा इतिहास रहा है। वर्तमान समय में फली नरीमन, केके वेणुगोपाल, गोपाल सुब्रमण्यम, हरीश साल्वे, अभिषेक मनु सिंघवी, केटीएस तुलसी और सलमान खुर्शीद जैसे नाम देश के बड़े वकीलों में शामिल हैं। ये सब वो नाम हैं जिन्होंने अपनी मेहनत और मेधा से वकालत के पेशे में दौलत और शोहरत दोनों को कमाई। इनके अनुभव और सफलता के कारण ही ये वकील अपने काम के लिए लाखों रुपये की फीस ले पाते हैं। हालांकि ये कितनी फीस लेते हैं उसके ठीक-ठीक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। इनकी फीस इस बात पर भी निर्भर करती है कि मामला कितना पेचीदा है और मुवक्किल कौन है?