दो देशों के बीच मील का पत्थर साबित होगा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, "मुझे खुशी है कि किसी भी आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) का पहला अपतटीय परिसर जांजीबार में स्थापित किया जा रहा है। मुझे बताया गया है कि आईआईटी-मद्रास के जांजीबार परिसर का उद्घाटन अगले महीने की शुरुआत में होने वाला है। यह संस्थान तंजानिया और अन्य अफ्रीकी देशों के छात्रों को विश्व स्तरीय इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी शिक्षा तक पहुंच प्रदान करके दो देशों और महाद्वीपों के बीच शैक्षिक सहयोग में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो राष्ट्र निर्माण में मदद करेगा और आर्थिक विकास, प्रौद्योगिकी, विकास को और अफ्रीका में अनुसंधान और नवाचार आगे बढ़ाएगा।
भारत और तंजानिया के बीच जुलाई में हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन अंतिम प्रक्रियात्मक कदम था जिसने परिसर के लिए मार्ग प्रशस्त किया। संस्थान दो पूर्णकालिक शैक्षणिक कार्यक्रम पेश करेगा - डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में चार साल का बैचलर ऑफ साइंस और डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में दो साल का मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी।