कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य देखभाल के प्रबंधन के लिए एक इंटर-डिसिप्लनरी ओरिएंटेशन डेवलप करना और मैनेजमेंट लीडरशिप में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देना है। पाठ्यक्रम प्रतिभागियों को भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता से परिचित भी कराएगा और विकासशील देशों में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को समझने के लिए तुलनात्मक रूपरेखा तैयार करेगा।
भविष्य के लिए पेशेवरों को तैयार करना
आईआईएम, कलकत्ता के कार्यक्रम निदेशक राजेश भट्टाचार्य ने कहा, ईपीएचएम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भविष्य के लिए पेशेवरों को तैयार करना और उन्हें बेहतर निर्णय लेने के लिए सही ज्ञान के साथ सक्षम बनाना है। एक वर्षीय कार्यक्रम ऑनलाइन कक्षाओं के मिश्रित शिक्षण प्रारूप और 10-दिवसीय परिसर के दौरे के माध्यम से पेश किया जाएगा। हर रविवार को कक्षाएं लगेंगी।
कौन-कौन ले सकते हैं दाखिला
इस पाठ्यक्रम में सभी स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर शामिल हो सकते हैं - डॉक्टर, अस्पताल प्रशासक, चिकित्सा और संबद्ध क्षेत्रों के पेशेवर जैसे कि फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा बीमा के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी उद्यमी भी दाखिला ले सकते हैं। एमबीबीएस / बीडीएस / बीएएमएस डिग्री या यूजीसी / एआईसीटीई / एमसीआई या समकक्ष द्वारा मान्यता प्राप्त समकक्ष, जैव प्रौद्योगिकी और बायोमेडिकल पृष्ठभूमि (स्नातक की डिग्री या ऊपर) वाले छात्र आवेदन करने के लिए पात्र हैं। आवेदकों के पास स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कम से कम तीन साल का अनुभव होना चाहिए। हालांकि, अन्य पृष्ठभूमि के आवेदकों के पास स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में न्यूनतम पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए।
केस स्टडी और प्रजंटेशन पर आधारित
निदेशक राजेश भट्टाचार्य ने कहा कि यह कार्यक्रम अत्यधिक अनुभवात्मक और संवादात्मक होगा, जिसमें प्रतिभागी प्रस्तुतियां और चर्चाएं, केस स्टडी, ऑनलाइन व्याख्यान और अतिथि वक्ताओं द्वारा प्रस्तुतियां शामिल होंगी। सभी प्रतिभागी एक कैपस्टोन प्रोजेक्ट शुरू करेंगे, जो छात्रों को उनकी विशिष्ट रुचि के प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए टीमों में शामिल करता है।