शोध में पिछले नौ वर्षों में कार्यक्रम के 105 एपिसोड के प्रभाव का विश्लेषण किया गया है और संचार के शक्तिशाली और रणनीतिक माध्यम यानी मन की बात द्वारा लाए गए परिवर्तनों (मूर्त और अमूर्त दोनों) के स्थायी प्रभाव का आंकलन किया गया है। इसमें कहा गया है कि इस रिपोर्ट में प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (एनएलपी) का उपयोग करके मन की बात के नीतिगत निहितार्थ का विश्लेषण करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
खादी पर इसमें कहा गया, "हमारे स्वतंत्रता संग्राम के दौरान खादी को काफी लोकप्रियता मिली, लेकिन बदलते समय के साथ यह अपनी लोकप्रियता खोती जा रही है।" मन की बात के साथ, खादी को काफी लोकप्रियता मिली है और बिक्री में भी वृद्धि हुई है। इसमें कहा गया है कि खादी का सोशल मीडिया कवरेज भी बढ़ गया है।