प्रेरणा नाम की मोबाइल एप्लीकेशन और पोर्टल की शुरुआत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कर दी गई है। सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए इसकी शुरुआत की गई है। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से इस योजना की शुरुआत की।
इसी एप के माध्यम से ही यूपी बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। आपको बता दें कि गुजरात में भी शिक्षक दिवस के अवसर पर माइक्रोसॉफ्ट के काइजाला एप से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों की हाजिरी की भी जल्द शुरुआत होगी। महत्वपूर्ण बात ये है कि दोनों प्रदेशों में शिक्षक संगठन इस नई व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। इसके लिए धरना प्रदर्शन हो रहा है। और एप की गूगल प्ले स्टोर पर रेटिंग भी गिराई जा रही है। क्या काम है इस एप का और क्या है ये प्रेरणा एप, आगे पढ़ते हैं इस एप के बारे में सबकुछ....
यूपी बना पहला राज्य
प्रदेश के लिए बड़ी बात ये है कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जहां मोबाइल एप से हाजिरी ली जाएगी। आपको बता दें कि इस पर काम बहुत पहले से चल रहा था। गुजरात भी जल्द इस तरह की एप को लॉन्च करने वाला है। इस पर काम 2014 से ही शुरू कर दिया था। पर उत्तर प्रदेश ने इस काम को सिद्ध किया।
क्या है ये प्रेरणा एप
- नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर में बनी प्रेरणा एप एक एंड्रॉइड आधारित एप्लीकेशन है।
- जिओ फेंसिंग के जरिए रियल लोकेशन की तस्वीर एडमिन तक पहुंचाना इस एप के कैम के अंतर्गत आएगा।
- टीचर्स के अवकाश की स्वीकृति भी प्रेरणा एप और पोर्टल के द्वारा दी जाएगी।
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