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CBSE: ओपन बुक परीक्षा को लेकर सीबीएसई की कवायद, चयनित स्कूलों में होगा ट्रायल; जानिए क्या है OBE

Thu, 22 Feb 2024 06:35 PM IST
आदर्श शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीबीएसई 2024 के अंत में कक्षा 9 से 12 तक के लिए ओपन बुक परीक्षा (ओबीई) के पायलट कार्यक्रम की योजना बना रहा है। ओपन बुक परीक्षा में छात्रों को परीक्षा के दौरान अपने नोट्स, पाठ्यपुस्तकें या अन्य अध्ययन सामग्री ले जाने और उन्हें देखने की अनुमति होती है।
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सीबीएसई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) 2024 के अंत में कक्षा 9 से 12 तक के लिए ओपन बुक परीक्षा(ओबीई) के पायलट कार्यक्रम की योजना बना रहा है, शुरुआत में यह सिर्फ चयनिक स्कूलों में ही की जाएगी। गौरतलब है कि 2023 में बोर्ड की आखिरी गवर्निंग बॉडी मीटिंग में यह प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि सीबएसई के अधिकारियों ने कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं में इसे लागू करने की योजना से इंकार किया है। 
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क्या है ओपन बुक परीक्षा
ओपन-बुक परीक्षा में छात्रों को परीक्षा के दौरान अपने नोट्स, पाठ्यपुस्तकें या अन्य अध्ययन सामग्री ले जाने और उन्हें देखने की अनुमति होती है। सीबीएसई चयनित स्कूलों में ओपन बुक परीक्षा मूल्यांकन के एक पायलट कार्यक्रम पर विचार कर रहा है। जिसमें कक्षा नौ और 10 के लिए अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषयों को लक्षित किया गया है। वहीं कक्षा 11 और 12 के लिए अंग्रेजी, गणित और जीव विज्ञान विषयों को योजना का हिस्सा बनाया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य एक सटीक मूल्यांकन करना है। इन परीक्षाओं को पूरान करने और फीडबैक इक्ट्ठा करने में छात्रों को लगने वाले समय को बारीकी से समझा जाएगा। 

साल के अंत तक चयनित स्कूलों में होगा पायलट कार्यक्रम
ओपन बुक परीक्षा के पायलट कार्यक्रम पर बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह योजना राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रुपपेखा में की गई सिफारिशों के अनुरूप है। इसके जरिए हम मूल्यांकन करेंगे। इन परीक्षाओं को पूरा करने तक का समय, रचनात्मक और योगात्मक मूल्यांकन  किया जाएगा। चयनित स्कूलों को एक पायलट कार्यक्रम से गुजरना पड़ेगा। पायलट कार्यक्रम का फोकस उच्च-स्तरीय मानसिक कौशल, अनुप्रयोग, विश्लेषण, आलोचनात्मक और रचनात्मक सोच और समस्या सुलझाने की क्षमताओं का आकलन करने पर केंद्रित होगा। ओपन बुक टेस्ट का डिजाइन, विकास और समीक्षा जून 2024 तक पूरा करने का प्रस्ताव है, स्कूलों में सामग्रियों के पायलट परीक्षण की योजना नवंबर-दिसंबर 2024 में बनाई जा रही है।
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गौरतलब है कि सीबीएसई ने पहले 2014-15 से 2016-17 तक तीन वर्षों के लिए कक्षा 9 और 11 की वर्ष के अंत की परीक्षाओं के लिए एक ओपन टेक्स्ट आधारित मूल्यांकन (ओटीबीए) प्रारूप का इस्तेमाल किया था, लेकिन नकारात्मक प्रतिक्रिया के आधार पर इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। बैठक में बोर्ड ने ओबीई प्रश्नों में कई उत्तरों की क्षमता को समझने के लिए शिक्षकों को पहले ओपन बुक परीक्षा देने पर भी विचार किया। सीबीएसई अध्यक्ष ने सीबीएसई की ओबीई तैयारियों को प्रभावी ढंग से जांचने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के अनुभवों से सीखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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