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तीन या चार साल का कर सकेंगे स्नातक, एक साल की होगी मास्टर डिग्री

Thu, 08 Aug 2019 09:46 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया सीमा शर्मा, नई दिल्ली

सार

  • केंद्र ने एनएचईक्यूएफ के तहत तैयार की योजना 
  • विश्वविद्यालयों में पहले की तरह होती रहेगी परंपरागत कोर्सेज की पढ़ाई
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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केंद्र सरकार द्वारा बैचलर डिग्री के कुछ कोर्सेज में बदलाव किए जा रहे हैं। इसके लिए केंद्र ने योजना तैयार कर ली है। विदेशी छात्रों को भारत में आकर उच्च शिक्षा की पढ़ाई से जोड़ने के मकसद से ये प्रोग्राम तैयार किए जा रहे हैं। लेकिन ये कोर्स करने वाले सभी छात्रों पर लागू होंगे।

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मोदी सरकार के दोबारा गठन के बाद एजुकेशन क्वालिटी अपग्रेडेशन एंड इन्क्लूजन प्रोग्राम के तहत इस चार वर्षीय डिग्री योजना को अगले सत्र में लागू करने के लिए तैयार किया गया है। इसे अब जल्द ही राज्यों के साथ साझा किया जाएगा।

केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नेशनल हायर एजुकेशन क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएचईक्यूएफ) के तहत चार वर्षीय प्रोग्राम का खाका तैयार किया है। इसमें कहा गया है कि अभ्यर्थियों को तीन या चार साल के डिग्री कोर्स का विकल्प मिलेगा।
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किन कोर्सेज में लागू होगी योजना

मंत्रालय ने इसके लिए चार वर्षीय बैचलर ऑफ लिबरल आर्ट (बीएलए) और बैचलर ऑफ लिबरल एजुकेशन (बीएलई) प्रोग्राम तैयार किया है। इसके तहत चार साल तक स्नातक डिग्री प्रोग्राम और पांचवें साल स्नातकोत्तर डिग्री प्रोग्राम के तहत पढ़ाई होगी। 
 
वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इसमें छात्रों को बहुविषयक (मल्टी डिसप्लिनरी) और कौशल विकास आधारित पाठ्यक्रम की पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। बीएलए और बीएलई स्नातक प्रोग्राम में छात्रों को बैचलर ऑफ वोकेशनल की तर्ज पर पहले, दूसरे, तीसरे व चौथे वर्ष में जुड़ने (री-एंट्री) और बाहर जाने (एग्जिट) का प्रावधान होगा। पहले वर्ष में डिप्लोमा, दूसरा वर्ष पूरा होने पर एडवांस डिप्लोमा, तीसरे व चौथे वर्ष की पढ़ाई पूरी होने पर स्नातक डिग्री मिलेगी। 

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मास्टर डिग्री एक या दो साल की?
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तीन वर्षीय अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम में मास्टर डिग्री दो साल की ही होगी। जबकि चार वर्षीय बैचलर ऑफ लिबरल ऑर्ट (बीएलए) और बैचलर ऑफ लिबरल एजुकेशन (बीएलई) प्रोग्राम की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए मास्टर डिग्री एक साल की रह जाएगी। इसके तहत तीसरे साल के बाद छात्रों को मास्टर डिग्री से संबंधित विषयों की पढ़ाई करवाई जाएगी। जबकि पांचवें साल रिसर्च पर फोकस रहेगा।

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तीन वर्षीय बीए, बीकॉम, बीएससी में बदलाव नहीं
पंरापरागत तीन वर्षीय बीए, बीएससी और बीकॉम प्रोग्राम में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में तीन वर्षीय अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम चलता रहेगा। जो छात्र तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई करना चाहते हैं, वे कर सकते हैं। पंरापरागत तीन वर्षीय अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम में भी छात्रों को बाजार व उद्योग की मांगों के आधार पर बहुविषयक पढ़ाई,शोध समेत रोजगार से जोड़ने पर काम होगा। 

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